उज्जैन एसपी को हाईकोर्ट के निर्देश-धारा 74 के पालन को लेकर थानों में सर्कुलर जारी कराएं

उज्जैन, अग्निपथ। उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश खंडपीठ इंदौर ने जीवाजीगंज थाना पुलिस के द्वारा एक नाबालिग अपराधी के संदर्भ में की गई कार्रवाई को लेकर उज्जैन एसपी को सभी थानों को धारा-74 के पालन करने को लेकर सर्कुलर जारी करने के निर्देश दिए हैं। अधिनियम की धारा 74 में नाबालिग की पहचान उजागर करने पर प्रतिषेध का स्पष्ट प्रावधान है।

उच्च न्यायालय के समक्ष जीवाजीगंज पुलिस के अपराध में एक आरोपी की जमानत याचिका की बहस के दौरान शासकीय अधिवक्ता द्वारा आपत्ति ली गई थी। कहा गया कि आरोपी के खिलाफ 8 से अधिक आपराधिक रिकार्ड है। वह आदतन अपराधी है उसको जमानत का लाभ नहीं दिया जा सकता। इस पर आरोपी के बचाव पक्ष के वकील आशीष तिवारी ने तर्क दिया कि किशोर न्याय अधिनियम की धारा 74 में बच्चों की पहचान उजागर करने पर प्रतिषेध का स्पष्ट प्रावधान है।

बच्चों से जुडे काननूी मामलों में रिपोर्टिंग करते समय कोई भी व्यक्ति अथवा पुलिस बच्चों की व्यक्तिगत जानकारी नहीं किसी को भी नहीं दे सकती है। पुलिस ऐसे मामले में जो बंद हो चुके या निपटाया जा चुका है चरित्र प्रमाण-पत्र के प्रयोजनार्थ या अन्यथा बालक का कोई अभिलेख प्रकट नहीं करेगी। उल्लंघन करने वालों को 6 माह तक कारावास या दो लाख रुपए तक जुर्माना या दोनों से दंडित किया जा सकता है।

आपराधिक रिकार्ड की सूची किशोर न्याय अधिनियम की धारा 74 का उल्लंघन है। एडवोकेट का तर्क सुनने के बाद माननीय उच्च न्यायालय ने थाना प्रभारी जीवाजीगंज को न्यायालय में बुलाकर निर्देश दिया कि वह अपने पुलिस अधीक्षक उज्जैन से संपर्क कर संपूर्ण जानकारी देकर अधिनियम की धारा 74 के पालन करने हेतू सभी थानें में सर्कुलर जारी करवाएं और भविष्य में कभी भी बाल न्यायालय के प्रकरणों की जानकारी आपराधिक रिकार्ड में प्रस्तुत ना करें अन्यथा सख्त कार्रवाई होगी।

उच्च न्यायालय ने धारा 74 को लेकर सभी थानों पर सर्कुलर जारी करने के निर्देश दिए है। उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार सभी थानों पर पत्र भेजकर इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

-प्रदीप शर्मा, एसपी उज्जैन

Next Post

बढ़ चला है ‘अग्निपथ’ अब 36वें वर्ष की ओर

Sat Nov 30 , 2024
अर्जुन सिंह चंदेल, संपादक वक्त रेत की तरह मुट्ठी से खिसकता जा रहा है, पता ही नहीं चला कब पिता जी ठाकुर शिवप्रतापसिंह जी द्वारा रोपे गये ‘अग्निपथ’ पर चलते-चलते 35 वर्ष गुजर गये। ‘अग्निपथ’ के जन्म के समय मैं मात्र 27 वर्ष का नवयुवक था अब मेरा बड़ा बेटा […]
अग्निपथ