उज्जैन, अग्निपथ। महाकाल मंदिर में ज्योतिर्लिंग के समीप से दर्शन, भस्मआरती दर्शन और नंदी हॉल दर्शन के नाम पर अवैध वसूली करने वाले पांच आरोपियों को पुलिस ने शुक्रवार को कोर्ट में पेश कर दिया। पुलिस ने पूछताछ के लिए आरोपियों की रिमांड मांगी थी, न्यायालय ने एक दिन के लिए आरोपियों को पुलिस रिमांड पर सौंपा है। पुलिस पूछताछ कर रही है। इस मामले में और भी चौंकाने वाले नाम सामने आ सकते हैं।
नंदीहॉल दर्शन प्रभारी राकेश श्रीवास्तव और सफाई प्रभारी विनोद चौकसे को पुलिस ने एक दिन पहले गुरुवार को कोर्ट में पेश किया था जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया था। दोनों ने जिन अन्य लोगों के नाम कबूले थे उनमें आईटी सेल प्रभारी राजकुमार सिंह, सत्कार अधिकारी अभिषेक भार्गव, नंदी हॉल प्रभारी राजेंद्र सिसौदिया और भस्मआरती प्रभारी रत्नेश शर्मा सहित क्रिस्टल कंपनी के गार्ड ओमप्रकाश माली व जितेंद्र परमार को पुलिस ने आरोपी बनाकर गिरफ्तार कर धोखाधड़ी और अमानत में खयानत का प्रकरण दर्ज किया था।
इनमें से पांच आरोपियों को पुलिस ने शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया। न्यायालय ने फिलहाल पांचों आरोपियों से पूछताछ के लिए एक दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा है। शनिवार को एक दिन की अवधि पूर्ण होने पर पुलिस इन्हें दोबारा कोर्ट में पेश करेगी। संभव है कि पुलिस रिमांड अवधि बढ़ाए जाने की अपील कोर्ट से कर सकती है।
टीआई नरेंद्र सिंह परिहार ने बताया कि पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है इनके खातों की जांच, व्हाट्सएप चैटिंग और कॉल डिटेल भी निकलवाई जाएगी ताकि पता चल सकें कि इस धोखाधड़ी में और कौन शामिल है। न्यायालय ने एक दिन की रिमांड पर आरोपियों को पुलिस को सौंपा है। शनिवार को वापस इन्हें न्यायालय में पेश किया जाएगा। एक आरोपी रत्नेश शर्मा की अभी गिरफ्तारी बाकी है जल्द ही वह भी पुलिस की गिरफ्त में होगा।