बेंगलुरु से आए 40 कारीगर, हवाई जहाज से पहुंचे 30 लाख रुपए के 2 हजार किलो फूल
उज्जैन, अग्निपथ। विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में महाशिवरात्रि पर 2000 किलों फूलों से पुष्प सज्जा की जा रही है। इसके लिए बेंगलुरु के कलाकारों का 40 सदस्यों का दल फ्लाइट से फूल लेकर उज्जैन पहुंचा है। करीब 30 लाख रुपए की कीमत के विदेशी पीले फूलों से महाकाल मंदिर के नंदी हाल और गर्भगृह को गोल्डन महल के आकार में सजाया जा रहा है।
बेंगलुरु के कृष्णमूर्ति रेड्डी प्रति वर्ष महाशिवरात्रि पर्व पर महाकाल मंदिर को विदेशी फूलों से सजाते हैं। मंगलवार सुबह 40 सदस्यों के दल ने थाईलैंड, मलेशिया, सिंगापुर, इंडोनेशिया और भारत के अलग-अलग राज्यों के 30 प्रकार के करीब 2 हजार किलो फूलों से मंदिर को सजाने का काम शुरू किया। देररात तक आकर्षक सज्जा का काम पूरा हो जाएगा। यह कलाकार तिरुपति बालाजी मंदिर सहित देश के प्रमुख मंदिरों में पुष्प सज्जा कर चुके हैं।
हवाई जहाज से आए फूल
इस बार शिवरात्रि महापर्व पर मंदिर में 20 तरह के आकर्षक फूलों से पुष्प सज्जा की जा रही है। पुष्प सज्जा देश-विदेश से आने वाले भक्तों का मनमोह लेगी। विदेश से आए फूलों को इंदौर तक फ्लाइट से भेजा गया। उसके बाद उन्हें सड़क मार्ग से मंदिर तक पहुंचाया गया है।
प्रमुख रूप से सफेद और पीले रंग के फूल व पत्तियों का उपयोग किया जाएगा। इन फूलों से नंदी हॉल, गर्भगृह, शिखर, ओंकारेश्वर मंदिर, गणेश मंदिर सहित परिसर के अन्य मंदिरों को भी सजाया जायेगा।