निर्गम गेट और औंकारेश्वर चैनल गेट पर प्रवेश को लेकर श्रद्धालुओं की भीड़ जमा रही
उज्जैन, अग्निपथ। विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में गुरुवार दोपहर 12 बजे से वर्ष में एक बार होने वाली दिन की भस्म आरती आयोजित की गई। भगवान महाकाल को पंचामृत अभिषेक कर राजा स्वरूप में श्रृंगारित किया गया और भस्म अर्पित कर आरती संपन्न हुई। आरती के दौरान नंदी हॉल, गणेश मंडपम और कार्तिकेय मंडपम में जनप्रतिनिधि, अधिकारी और उनके परिवार पहले से ही बैठ गए, जिससे दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं को दर्शन का मौका नहीं मिला।
भक्तों ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा, हमने लंबा सफर तय किया, लेकिन गार्ड हमें धक्के देकर हटा रहे थे, जबकि वीआईपी लोगों ने पूरा मंदिर घेर रखा था। हर बार की तरह इस बार भी निर्गम और ओंकारेश्वर मंदिर के चैनल गेट से पुलिसकर्मी और उनके परिवारों की एंट्री निर्विघ्न होती रही। मंदिर के सभी गेटों पर सुबह 9 बजे की ताले लगा दिये गये थे।
निर्गम गेट पर वीआईपी का हुजूम उमड़ा पड़ा था। थोड़ी थोड़ी देर बाद गेट खोलकर प्रवेश दिया जाता रहा। अंदर प्रवेश के बाद ओंकारेश्वर मंदिर के चैनल गेट से प्रवेश की जद्दोजहद चलती रही। यहां पर एक व्यक्ति इसी आपाधापी में गिर गया। जोकि संभवत: विकलांग होने के कारण उठ नहीं पा रहा था।
नंदीहाल में वीआईपी भीड़ का जमावड़ा
भस्मारती से पहले इतने अधिक वीआईपी लोगों को नंदीहाल में प्रवेश दे दिया गया था कि वहां पर पैर रखने की जगह तक नहीं बची थी। इतनी भीड़ को देखते हुए बड़ी मुश्किल से भस्म आरती संपन्न की गई।
पुलिस अधिकारियों ने कार्तिक मंडपम से आरती देखी
कार्तिक मंडपम में पुलिस अधिकारियों का भस्मारती देखने के लिये जमावड़ा लगा हुआ था। यहां पर पुलिस अधिकारियों के अलावा मंदिर और अन्य सरकारी विभागों के अधिकारियों ने भी पहले से ही अपना स्थान तय कर लिया था।