उज्जैन, अग्निपथ। आसाराम 22 फरवरी को इंदौर के आश्रम से गायब होने के बाद उज्जैन पहुंच गये हंै। यहां मंगलनाथ स्थित आश्रम में ठहरे हुए हैं। बड़ी संख्या में अनुयायी उससे मिलने आ रहे हैं। सांदीपनि आश्रम के पास बना आसाराम का ये आश्रम कई दिनों से वीरान पड़ा था। लेकिन अब इसे फूलों और रंगबिरंगी रोशनी से सजाया गया है।
यहां लोगों को जांच के बाद ही प्रवेश दिया जा रहा है। मोबाइल, कैमरा या अन्य गैजेट ले जाने की अनुमति नहीं है। सभी को आश्रम के बाहर ही मोबाइल जमा करना पड़ रहा है। गार्ड बाहर से भी आश्रम की तस्वीरें नहीं लेने दे रहे हैं। आश्रम से जुड़े लोगों का कहना है कि आसाराम किसी भी अनुयायी से नहीं मिल रहे है। वह केवल अपना मेडिकल ट्रीटमेंट ले रहे हंै। हालांकि, शिष्य रोज आश्रम पहुंच रहे हैं लेकिन आसाराम कमरे से बाहर नहीं निकल रहे हैं। वह कब और कैसे यहां पहुंचे, इसको लेकर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिल सकी है।
सूत्रों का कहना है कि वह दो दिन पहले ही उज्जैन पहुंचे हंै। इससे पहले कोर्ट से जमानत मिलने के बाद आसाराम इंदौर के आश्रम गये थे, जहां प्रवचन देते उसका एक वीडियो भी सामने आया था।
सुप्रीम कोर्ट ने 31 मार्च तक सशर्त जमानत दी है
सुप्रीम कोर्ट ने 7 जनवरी को आसाराम को 31 मार्च तक सशर्त जमानत दी थी। कोर्ट ने उसे अपने अनुयायियों से मिलने की सख्त मनाही की है। प्रवचन देने पर भी रोक लगाई है। लेकिन इंदौर में उनके प्रवचन देने की तस्वीरें आई थीं। वह समर्थकों से मिल रहे थे। खुलकर बातचीत कर रहे थे। इससे पहले पालनपुर (गुजरात) आश्रम का एक वीडियो भी सामने आया था, जिसमें वह सामूहिक रूप से भक्तों से मुलाकात करता नजर आये थे। प्रवचन देने के मुद्दे के मीडिया में आने के बाद आसाराम इंदौर से निकल गये थे।
सेवक बोला- सिर्फ मॉर्निंग और इवनिंग वॉक पर बाहर आते हैं
आसाराम के सेवक ने बताया कि वह किसी से नहीं मिलते। सिर्फ मॉर्निंग और इवनिंग वॉक के लिए कमरे से बाहर आते हैं। उज्जैन में रहकर बापू को शांति मिल रही है। उनकी सेहत में यहां सुधार भी हो रहा है। बड़ी संख्या में आ रहे भक्त सिर्फ एक अन्य संत के दर्शन लेकर वापस जा रहे है। मीडिया को भी प्रतिबंधित किया है। किसी भी तरह के गैजेट ले जाने पर रोक लगी है।