जलता पुतला फेंकने के आरोप में 2 को थाने पर बैठाया, पुलिस पर सरपंच को पीटने का आरोप
उज्जैन, अग्निपथ। कांग्रेस कार्यालय पर बुधवार को पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं में जमकर झड़प हुई। कांग्रेस ने आरटीओ के पूर्व कॉन्स्टेबल सौरभ शर्मा की जमानत का विरोध और मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान सीएम डॉ. मोहन यादव का पुतला जलाने को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झड़प हो गई।
आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने सरपंच जीवन मालवीय की पिटाई कर दी। घायल सरपंच जीवन मालवीय ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनके साथ मारपीट की। इस दौरान एक नाबालिग सहित एक अन्य युवा कांग्रेस कार्यकर्ता को जलता पुतला उपर से फेंकने के आरोप में कोतवाली थाने में बैठा लिया। बाद में उसकी जमानत एसडीएम कोर्ट से कराई गई।
बता दें कि भोपाल में आरटीओ के पूर्व कॉन्स्टेबल सौरभ शर्मा और उसके साथियों को जमानत मिल गई है। लोकायुक्त ने कोर्ट में अब तक उनके खिलाफ चार्ज शीट पेश नहीं की है। आरोपियों को जमानत मिलने के बाद प्रदेश कांग्रेस की ओर से किए गए आव्हान पर बुधवार दोपहर को उज्जैन में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने क्षीर सागर स्थित कांग्रेस कार्यालय पर भाजपा और सीएम का पुतला जलाया।
इस दौरान पुलिस और कांग्रेसी आपस में भिड़ गए। कांग्रेस के इस प्रदर्शन को लेकर पुलिस ने बेरिकेडिंग कर सभी ओर से रास्ते बंद कर दिए थे। एक फायर फाइटर समेत फायर ईस्टंगिशर और भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।
प्रदर्शन में कांग्रेस समर्थित सरपंच की पिटाई
कांग्रेस कार्यालय में एकत्रित हुए विधायक महेश परमार, मुकेश भाटी, किसान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष धर्मेंद्र चौहान, ललित मीणा सहित कांग्रेस के अन्य नेता की मौजदूगी में प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। इस बीच उन्हेल के पास बड़लाई के सरपंच जीवन मालवीय पुतला लेकर पहुंचे और उन्होंने उसमे आग लगा दी।
पुलिस ने पुतला छीनने की कोशिश की, लेकिन तब तक पुतले में आग लग चुकी थी। हालांकि पुलिस ने उसे पूरा जलने नहीं दिया। इस बीच पुतला छीन रही पुलिस ने सरपंच को जमकर पीट दिया। सरपंच को पिटता देख कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उसे पुलिस से बचाया।
सरकार पर भ्रष्टाचारी को संरक्षण का आरोप
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि प्रदेश में जिस तरह से परिवहन घोटाला हुआ है, उसमें लोकायुक्त और शासन ने सरकार का पक्ष तक नहीं रखा। सौरभ शर्मा को जमानत क्यों मिल गई, जबकि एक तरफ किलो में सोना और करोड़ों रुपए बरामद हुए। लोकायुक्त और भाजपा सरकार सौरभ शर्मा को संरक्षण दे रही है। विपक्ष पूरे प्रदेश में इस मिलीभगत के खिलाफ प्रदर्शन कर इसे उजागर कर रहा है।
एसडीएम कोर्ट से युवा कार्यकर्ता की जमानत कराई
कांग्रेस नेता रवि राय ने बताया कि प्रदर्शन समाप्त होने के बाद जब वह अपने गंतव्य को जा रहे थे। इस दौरान चौराहे पर खड़े एक नाबालिग और युवा कांग्रेस कार्यकर्ता मुकुल घुरैया को पुलिस ने पकडक़र कोतवाली थाने भेज दिया। जानकारी लगने पर विधायक महेश परमार, शहर अध्यक्ष मुकेश भाटी, किसान कांग्रेस अध्यक्ष धर्मेन्द्र चौहान सहित अन्य कार्यकर्ता कोतवाली थाने पहुंचे।
यहां से नाबालिग को तो रिहा कर दिया गया। लेकिन मुकुल घुरैया की गिरफ्तारी दर्शा दी। लिहाजा एसडीएम गर्ग की कोर्ट पहुंचकर यहां से उसकी जमानत कराई गई। पुलिस का आरोप है कि उपर से जलता हुआ पुतला उनके द्वारा फेंका गया था।
इनका कहना
कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान सामग्री नीचे फेंकी गई। ज्वलनशील पदार्थ का उपयोग किया गया। सभी के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी। -नीतेश भार्गव, एडीशनल एसपी
-नीतेश भार्गव, एडीशनल एसपी