सिंहस्थ द्वार के पास मार्ग उबड़ खाबड़ स्थिति में हुआ तब्दील.. कई बार वाहन खा चुके हैं पलटी
उज्जैन, अग्निपथ। महाकाल लोक बनने के बाद बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या कई गुना बढ़ गई है। महाकाल मंदिर सहित सभी धार्मिक स्थलों व शिप्रा नदी पर बड़ी तादाद में रोज लोग पहुंचते हैं। ऐसे में इन स्थानों पर कई अव्यवस्थाएं भी फैली हुई हैं। जिन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
इन दिनों शिप्रा नदी के छोटे पुल पर सिंहस्थ द्वार की तरफ के हिस्से की सडक़ पिछले कई महीनों से उखड़ी हुई है। इस कारण यह पुल का आधे से ’यादा मार्ग उबड़ खाबड़ स्थिति में तब्दील हो गया है। वहीं सडक़ उखडऩे की वजह से पुल का अंदरुनी हिस्सा दिखने लगा है। यह स्थिति पिछले कई महीनों से बनी हुई है। लेकिन इस और कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
सडक़ उखडऩे की वजह से छोटे पुल पर सिंहस्थ द्वार के पास मार्ग उबड़ खाबड़ जगह में तब्दील हो गया है। कई जगह गड्ढेे हो गए हैं। इस कारण कई बार इस जगह पर वाहन भी पलटी खा चुके हैं। रात्रि में और भी स्थिति खतरनाक हो जाती है। अंधेरे में हमेशा दुर्घटना का अंदेशा बना रहता है।
शिप्रा नदी के तट पर कई बड़े धार्मिक आयोजन हो चुके हैं । लेकिन यहां की व्यवस्था में कोई सुधार नहीं हुआ है वहीं कई बार स्थानीय अधिकारी भी शिप्रा नदी का निरीक्षण कर चुके हैं लेकिन उसके बाद भी यहां की व्यवस्थाएं नहीं सुधार पा रही है। वहीं कुछ दिनों बाद फिर से यहां पर बड़ा आयोजन होने वाला है।
छोटे पुल पर नहीं है कोई रोशनी के इंतजाम
शिप्रा नदी के छोटे पुल पर कोई स्ट्रीट लाइट नहीं लगी हुई है। इस कारण यहां पर हमेशा अंधेरा पसरा रहता है। ऐसे में इस मार्ग की सडक़ उखड़ी होने की वजह से लोगों को कई बार अंधेरे में यहां की उखड़ी हुई सडक़ नहीं दिखाई देती है। इस कारण कई बार वाहन दुर्घटनाग्रस्त भी हो चुके हैं।