अवैध क्लिनिक संचालन तथा चिकित्सकीय लापरवाही के चलते पंवासा थाना पुलिस ने लिया एक्शन
उज्जैन, अग्निपथ। पंवासा में बिना चिकित्सकीय डिग्री के कथित महिला डॉक्टर के द्वारा दो क्लिनिकों का संचालन किया जा रहा था। एक महिला को डिलीवरी के लिये दोनों में से एक क्लिनिक में लाया गया था, जहां गलत इंजेक्शन लगाने के कारण नवजात की मौत हो गई थी। परिजनों ने इसकी शिकायत सीएमएचओ के साथ ही पंवासा थाने में भी की थी। जिस पर पंवासा थाने ने आरोपित महिला डॉक्टर के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया है।
थाना पंवासा के द्वारा नवजात शिशु विगत 9 मार्च को संदिग्ध मृत्यु होने पर मर्ग क्रमांक 15/2025 धारा 194 बीएनएस के तहत मर्ग कायम कर जांच प्रारंभ की गई थी। जांच के दौरान यह पाया गया कि प्रसूता माला पति संजु मालवीय निवासी ग्राम सदावल को उसकी परिजनों द्वारा डिलीवरी हेतु पाण्ड्याखेड़ी स्थित खुशी क्लिनिक ले जाया गया, जहाँ तैयबा शेख द्वारा बिना किसी वैध डिग्री एवं क्लिनिक पंजीयन के प्रसव कराया गया। प्रसूति के दौरान आरोपित द्वारा दिए गए इंजेक्शन एवं उपचार में गंभीर लापरवाही के चलते नवजात शिशु की मृत्यु होना पाया गया।
सीएमएचओ की जांच रिपोर्ट के बाद एक्शन
सीएमएचओ उज्जैन डॉ. अशोक पटेल ने जांच रिपोर्ट पेश की थी, जिसमें बताया गया था कि आरोपी तैयबा शेख के पास प्रसूति/ऐलोपैथिक उपचार हेतु कोई वैध चिकित्सीय डिग्री नहीं है। आरोपियों द्वारा खुशी क्लिनिक तथा आशीर्वाद मेडिकल एवं सर्जिकल क्लिनिक बिना पंजीकरण के संचालित होना पाया गया। शिकायत पर मेडिकल टीम द्वारा थाना पवासा पर दिनांक 9 अक्टूबर को आरोपित के विरुद्ध पृथक से अपराध पंजीबद्ध कराया गया तथा उसके द्वारा संचालित दोनों क्लिनिक सील किए गए। आरोपित नियम विरुद्ध मरीजों का उपचार कर अवैध लाभ अर्जित कर रही थी।
पुलिस टीम को देखकर भागने लगी
मुखबिर सूचना पर पुलिस टीम द्वारा 29 नवम्बर को जांसापुरा क्षेत्र में सर्चिंग की गई। जहां एक महिला संदेहास्पद अवस्था में गली में घूमती मिली, जो पुलिस को देखकर भागने लगी। महिला को महिला पुलिस अधिकारियों द्वारा घेराबंदी कर पकड़ा गया, व महिला का नाम पता पूछते उसने अपना नाम तैयबा शेख पति अमर कुशवाह उम्र 35 वर्ष निवासी पाण्ड्याखेड़ी उज्जैन बताया।
आरोपी को विधि अनुसार गिरफ्तार कर थाना पंवासा लाया गया, जहाँ उससे विस्तृत पूछताछ जारी है। आरोपित से चिकित्सकीय दस्तावेजों की जांच ,अवैध मेडिकल नेटवर्क एवं नर्सों की भूमिका की जांच की जा रही है । पुलिस द्वारा आवश्यकतानुसार अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तारी में लिया जाएगा।
आरोपिया पर धारा 61, 125, 105 बीएनएस, म.प्र. राज्य आयुर्विज्ञान परिषद अधिनियम धारा 24, म.प्र. उपचार्य गृह अधिनियम 1973 संशोधन 2008 की धारा 3, म.प्र. चिकित्सा संस्था नियंत्रण अधिनियम 1973 की धारा 8(2) भी लगाई गई है।
