बाल बची जान!

कानड़, अग्निपथ। नगर कानड़ में आवारा कुत्तों का आतंक इस कदर बढ़ गया है कि मासूम बच्चियां भी सुरक्षित नहीं हैं। आज एक बेहद दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जब वार्ड क्रमांक 15 में अपने ही घर के अंदर जा रही एक छोटी बच्ची आराध्या (पिता: बबलू) पर एक खूंखार आवारा कुत्ते ने अचानक हमला कर दिया और उसे बुरी तरह घायल कर दिया।
🐕🦺 जान बचाने वाले ‘देवदूत’

यह घटना पुलिस थाने के पीछे स्थित वार्ड क्रमांक 15 की है। बच्ची आराध्या जैसे ही अपने घर के दरवाजे की तरफ बढ़ी, आवारा कुत्तों की एक टोली में शामिल एक काले कुत्ते ने मौका पाकर उस पर जंगली तरीके से झपट्टा मार दिया।
मासूम बच्ची की चीख सुनकर पास में ही मौजूद बी एल ओ महेश पाठक और गौरी शंकर सूर्यवंशी ने जो किया, वह किसी चमत्कार से कम नहीं था। उन्होंने बिना देर किए दौड़ लगाई और कुत्ते के चंगुल से बच्ची को खींचकर बचाया। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि ये दोनों ‘देवदूत’ समय पर नहीं पहुंचते, तो आवारा कुत्ता बच्ची को जान से मार ही डालता।
😠 प्रशासन की नींद कब टूटेगी?
नगर कानड़ में आवारा कुत्तों के झुंड सड़कों पर बेखौफ घूम रहे हैं, जिससे नागरिकों में दहशत है। यह पहली बार नहीं है जब ऐसी घटना हुई है।
“कई बार समाचारों के माध्यम से नगर परिषद अधिकारी को अवगत कराया गया है, लेकिन अधिकारियों पर कोई असर नहीं पड़ता है। प्रशासन का यह रवैया घोर लापरवाही दर्शाता है।”
नागरिकों ने कड़े शब्दों में मांग की है कि प्रशासन तत्काल कार्रवाई करे। आवारा कुत्तों को पकड़कर शहर से बाहर सुरक्षित स्थानों पर छोड़ा जाए, ताकि बच्चे अपने घर के बाहर सुरक्षित तरीके से खेल सकें और किसी और मासूम को इस खूनी हमले का शिकार न होना पड़े।
प्रशासन से सीधा सवाल: क्या नगर परिषद किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रही है, या अब जाकर नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कोई कदम उठाएगी?
