एक शिक्षक की ‘दबंगई’ से 24 मासूमों की पढ़ाई ठप
सीहोर, अग्निपथ। जिले के भैरूंदा-नसरुल्लागंज क्षेत्र की शासकीय प्राथमिक शाला, तलैया, में शिक्षा पर ताला जड़ दिया गया है। पिछले दो महीनों से यह स्कूल पूरी तरह से बंद पड़ा है। स्कूल भवन खामोश है, खेल का मैदान सूना है और करीब दो दर्जन गरीब बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह ठप हो चुकी है। अभिभावक गुस्से में हैं क्योंकि शिक्षा ही उनके बच्चों का भविष्य बदलने का एकमात्र जरिया है, लेकिन शिक्षकों की मनमानी ने इस रास्ते को बंद कर दिया है।
ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायतें करने के बावजूद कोई हल नहीं निकला है। इस स्कूल में नाम के लिए तीन शिक्षक पदस्थ हैं:
एक शिक्षक की मृत्यु हो चुकी है।
दूसरा शिक्षक एक्सीडेंट के बाद स्वास्थ्य लाभ पर है।
तीसरे शिक्षक कुंजीलाल पिछले दो वर्षों से सीहोर तहसील के निर्वाचन कार्यालय में डटे हुए हैं और 70 किलोमीटर दूर तलैया स्कूल जाने से साफ इनकार करते हैं।
इस एक शिक्षक की हठधर्मिता का परिणाम है कि पूरे स्कूल के बच्चों का भविष्य अँधेरे में है!
डीईओ का पत्र भी बेकार! निर्वाचन की ‘कुर्सी’ से हटने को तैयार नहीं शिक्षक
विद्यालय की गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) एस एस तोमर ने एस डी एम तन्मय वर्मा को शिक्षक कुंजीलाल को निर्वाचन कार्य से तुरंत मुक्त कर स्कूल में पदस्थ करने के लिए पत्र लिखा था। लेकिन इस पत्र को दो महीने से अधिक समय गुजर चुका है। न तो रिलीव आदेश हुआ है और न ही शिक्षक स्कूल लौटे हैं। शिकायतों और आधिकारिक पत्रों के बावजूद कार्रवाई के कागज दफ्तरों में धूल फाँक रहे हैं, जबकि गांव के बच्चे शिक्षा के अपने मूलभूत अधिकार से हर दिन वंचित हो रहे हैं।
शिक्षक कुंजीलाल तो खुलेआम यह दावा करते हैं कि उन्हें निर्वाचन कार्य से कोई नहीं हटा सकता! इसी ‘दबंगई’ के कारण प्रशासन भी मौन दिखाई दे रहा है। हद तो यह है कि निर्वाचन ड्यूटी में भी उन पर गंभीर लापरवाही के आरोप हैं और उन्हें नोटिस तक जारी हो चुका है, लेकिन कार्रवाई का नतीजा आज तक शून्य है।
गांव में अब यही सवाल गूँज रहा है: क्या एक शिक्षक की व्यक्तिगत मनमानी, 24 मासूम बच्चों के भविष्य पर भारी पड़ गई है? क्या एक व्यक्ति की पकड़ के सामने बच्चों की शिक्षा की कीमत शून्य है? यह चुप पीड़ा आज पूरे जिले में चर्चा का दर्द बन चुकी है।
सीहोर तहसील के अनुभागीय अधिकारी राजस्व द्वारा निर्वाचन सुपरवाइजर कुंजीलाल को निर्वाचन कार्य में गंभीर लापरवाही बरतने पर हाल ही में नोटिस जारी किया गया है। अधिकारियों के अनुसार वे समय पर ड्यूटी पर उपस्थित नहीं होते और लगातार मनमानी करते पाए गए हैं। इस व्यवहार को देखते हुए उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। लेकिन भैरुंदा के तलैया स्कूल पर लगा ताला कब खुलेगा, इसका जवाब किसी के पास नहीं है।
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