पांड्याखेड़ी ब्रिज के नीचे से पुलिस के हाथ आए उज्जैन के दो युवक
उज्जैन, अग्निपथ। उज्जैन क्राइम ब्रांच और चिमनगंज मंडी पुलिस की संयुक्त टीम ने गुरुवार शाम शहर के तीन थाना क्षेत्रों में दबिश देकर 500-500 के नकली नोट छापकर बाजार में खपाने वाले गिरोह के दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। तस्करों के पास 17.5 लाख रुपए के नकली नोट बरामद हुए हैं।
एसपी प्रदीप शर्मा ने पूरे मामले का शुक्रवार दोपहर प्रेस कांन्फ्रेंस में खुलासा किया। एसपी ने बताया पुलिस को मुखबीर से सूचना मिली थी कि दो तस्कर बड़ी मात्रा में नकली नोट डिलीवरी करने के लिए उज्जैन आ रहे हैं। सूचना मिलने पर पुलिस ने बताए गए स्थान राज रॉयल कॉलोनी और पांड्याखेड़ी ब्रिज के पास रेलवे पटरियों तक घेराबंदी की।
इसी दौरान दो संदिग्ध पांड्याखेड़ी से ब्रिज की तरफ आते दिखे। पुलिस टीम को चौराहे पर तैनात देख संदिग्धों ने भागने का प्रयास किया। इस दौरान क्राइम ब्रांच के सिविल में खड़े पुलिसकर्मिायों ने तस्करों को पकड़ा और हिरासत में लेकर थाने लाए।
पुलिस ने बताया दोनों नकली नोट के सौदागर रहने वाले उज्जैन के ही हैं। आरोपी हिमांशु उर्फ चीनू पिता राजेश गौसर उम्र 26 साल निवासी गऊघाट रेलवे कॉैलोनी और दीपेश पिता अनोखीलाल चौहान उम्र 22 साल निवासी शिवगंगा सिटी हाटकेश्वर है। पुलिस ने दोनों की तलाशी ली हिमांशु के पास 500 के नोट की 22 और दीपेश के पास 13 गड्डियां बरामद हुई। इस प्रकार दोनों के पास से 17.5 लाख रुपए के नकली नोट बरामद हुए।
एसपी ने बताया आरोपियों से कड़ी पूछताछ में पता चला कि वे इंदौर के अरबिंदो अस्पताल के साने स्थित श्रीगंगा विहार कॉलोनी में एक फ्लैट में अपने साथी राजेश पिता टेकचंद बरबटे के साथ मिलकर नकली नोटों की छपाई करते थे। आरोपियों ने बताया कि वे 10 लाख के नकली नोट के बदले 1 लाख रुपए असली लेते हैं। हिमांशु पूर्व में इंदौर में नकली नोट के मामले में गिरफ्तार किया जा चुका है।
इंदौर के फ्लैट से रॉ मटेरियल और मशीनें जब्त
आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने इंदौर में अरबिंदों अस्पताल के सामने कॉलोनी के फ्लैट पर दबिश देकर नोट प्रिटिंग मशीन, हाई सिक्योरिटी प्रिंट पेपर, प्रिंटिंग केमिकल, सुरक्षा धागा, कटर मशीन, प्रिंटेड एवं अपूर्ण कच्ची नकली नोट शीटें बरामद की हैं। फरार आरोपी और पूरे नेटवर्क के संबंध में पुलिस जांच कर रही है।
