राजस्व अधिकारियों में समन्वय की कमी
धार, अग्निपथ। नगर पालिका धार की अपनी आय बढ़ाने की योजना, जिसके तहत अवैध और अनियमित कॉलोनियों में संपत्तियों के नामांतरण के माध्यम से कर वसूली की जानी थी, वह राजस्व के अधिकारियों के मध्य आपसी समन्वय की कमी के कारण खटाई में पड़ गई है। नामांतरण करवाने के लिए नगर पालिका में चक्कर लगा रहे रहवासियों को अलग-अलग कारण बताकर लौटाया जा रहा है, क्योंकि निकाय टैक्स वसूली को लेकर एक नीति तय नहीं कर पाया है।
नगर पालिका सीएमओ विश्वनाथ सिंह ने अवैध/अनियमित कॉलोनियों में संपत्तियों के नामांतरण करने का निर्णय लिया था। हालांकि, उन्होंने यह शर्त स्पष्ट की थी कि कॉलोनी को वैध श्रेणी में शामिल होने तक निर्माण सहित अन्य अनुमतियां नहीं दी जा सकेंगी। इसके बावजूद लोग अपनी संपत्ति का निकाय के रजिस्टर में नामांतरण करवाने के लिए परेशान हो रहे हैं।
खरीदी दिनांक से शुल्क देने की मांग
संपत्ति पर नामांतरण के साथ ही लोगों से संपत्तिकर भी लिया जा रहा है। निकाय में आने वाले लोगों से कॉलोनी के अस्तित्व में आने के बाद से अब तक का शुल्क मांगा जा रहा है। बड़े पैमाने पर टैक्स मांगे जाने की स्थिति होने पर लोग सिर्फ जानकारी लेकर लौट रहे हैं। रहवासियों का कहना है कि वे संपत्ति के जिस दिन से मालिक बने हैं, उस दिनांक से टैक्स देने को तैयार हैं। उनका मत है कि पूर्व के विक्रेता ने टैक्स नहीं दिया तो इसमें उनका कोई दोष नहीं है। वहीं, निकाय के राजस्व अधिकारी यह तय नहीं कर पा रहे हैं कि यदि अभी का टैक्स लिया गया तो पूर्व के टैक्स को लेकर क्या जवाबदेही होगी।
मामले
केस-1: शारदा नगर निवासी मनोरमा बाई ने एक-डेढ़ वर्ष पूर्व मकान बनाया है। रजिस्ट्री दिनांक से वह संपत्तिकर जमा करना चाहती है, लेकिन निकाय में संपर्क करने पर उनसे कई दशकों का टैक्स मांगा गया, जो लगभग 50 हजार रुपये था। अधिकारियों ने कहा कि कॉलोनी का टैक्स कई सालों का बकाया है और भूखंड धारक होने के नाते उन्हें देना पड़ेगा। इस तरह बगैर नामांतरण का आवेदन लिए उन्हें लौटना पड़ा।
केस-2: इंद्रपुरी कॉलोनी निवासी किशोर ने भी अपनी संपत्ति का नामांतरण कराने के लिए संपर्क किया। यह कॉलोनी भी अवैध और अनियमित की श्रेणी में शामिल है। इनसे भी कॉलोनी के अस्तित्व में आने के दौरान तक का टैक्स मांगा गया, जबकि किशोर संपत्ति खरीदी दिनांक से अभी तक का टैक्स भरने को तैयार हैं।
सीएमओ का बयान
नगर पालिका सीएमओ विश्वनाथ सिंह ने कहा है कि अवैध-अनियमित श्रेणी की कॉलोनियों में सिर्फ नामांतरण किए जाएंगे। यदि इनके संपत्तिकर शुल्क को लेकर कोई परेशानी चल रही है तो लोग मुझसे संपर्क करें। मैं निदान करवाऊंगा।
