धार, अग्निपथ। धार जिले की पुलिस चौकी निसरपुर ने नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस टीम ने दो आरोपीगणों को देश के दो दूरस्थ राज्यों असम और गुजरात से लगभग 3 हजार किलोमीटर का सफर तय कर गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने अपहृता को असम राज्य में बांग्लादेश और भूटान सीमा के समीप गोलाघाट जिले से सकुशल दस्तयाब किया। वापस लाए जाने पर महिला उपनिरीक्षक द्वारा दर्ज किए गए बयानों में अपहृता ने आरोपी राज शिन्दे और कुशल भुमिज द्वारा अपहरण कर दुष्कर्म किए जाने की बात बताई।
बयानों और विवेचना में आए साक्ष्यों के आधार पर, पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपी कुशल उर्फ गुड्डु पिता सुनिल भुमिज निवासी अमलापती गोलाघाट असम और राज उर्फ छोटिया पिता अनिल शिन्दे निवसी कटनेरा बड़ौली गुजरात को गिरफ्तार किया गया।
ऐसे हुई खोज
9 अक्टूबर को फरियादीया ने निसरपुर चौकी पर अपनी 16 वर्षीय नाबालिग बेटी के घर से लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शुरुआती तलाश में सफलता न मिलने पर कुक्षी थाने में अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
नाबालिग से जुड़ा मामला होने के कारण पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी के निर्देश पर, एडीशनल एसपी विजय डावर और कुक्षी एसडीओपी सुनिल गुप्ता के मार्गदर्शन में कुक्षी थाना प्रभारी राजेश यादव के नेतृत्त्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम में निसरपुर चौकी प्रभारी रवि वास्के, सहायक उप निरीक्षक थानसिंह जमरा, आरक्षक सुभाष और महिला आरक्ष्क किरण को शामिल किया गया।
विवेचना के दौरान पुलिस को पहले अपहृता का लोकेशन तमिलनाडु में मिला। साइबर सेल धार के साथ लगातार संपर्क और तकनीकी साक्ष्यों के गहन विश्लेषण के बाद अपहृता का अंतिम लोकेशन असम राज्य में मिला। वरिष्ठ अधिकारियों के आदेश पर टीम को तत्काल असम के लिए रवाना किया गया और अथक प्रयासों के बाद अपहृता को दस्तयाब किया गया।
उक्त बालिका की दस्तयाबी जैसे गंभीर प्रकरण मेंं कुक्षी थाना प्रभारी राजेश यादव, निसरपुर चौकी प्रभारी रवि वास्के, प्रशांत गुंजाल सायबर प्रभारी, थानसिंह जमरा, शंकरसिंह तोमर, भुवान चौहान सहित धार साइबर सेल और कुक्षी थाने की पूरी टीम का विशेष योगदान रहा।
