जावरा में चोरी और फिरौती के खिलाफ आर-पार की लड़ाई: जीवन सिंह शेरपुर ने दिया अल्टीमेटम

जावरा, अग्निपथ। जावरा और पिपलोदा क्षेत्रों में लगातार हो रही चोरियों और ‘हफ्ता वसूली’ से परेशान ग्रामीणों का सब्र अब टूट गया है। बुधवार शाम को ग्राम रोला में आयोजित एक विशाल बैठक में करणी सेना परिवार के प्रमुख जीवन सिंह शेरपुर के नेतृत्व में सैकड़ों ग्रामीणों ने एकजुट होकर इस समस्या के स्थायी समाधान की मांग की। बैठक में रोला, सुजानपुरा, नेतवाली, रिंगनोद सहित कई गांवों के किसान शामिल हुए। ग्रामीणों ने बताया कि राजस्थान के चोमला और पाटन जैसे सीमावर्ती क्षेत्रों के कंजर डेरों से आने वाले गिरोह विद्युत मोटर, ट्रैक्टर और मवेशी चोरी कर रहे हैं। हद तो तब हो गई जब चोरी के बाद दलालों के माध्यम से फिरौती मांगी जा रही है और चोरी न करने के बदले किसानों से अनाज और नकद रुपये की अवैध वसूली की जा रही है।

पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे गंभीर सवाल

बैठक में किसानों ने पुलिस प्रशासन के प्रति भारी आक्रोश व्यक्त किया। एक पीड़ित किसान ने आपबीती सुनाते हुए बताया कि जब वह वाहन चोरी की शिकायत लेकर थाने पहुंचा, तो पुलिसकर्मियों ने संवेदनहीनता दिखाते हुए कहा कि “हम क्या तेरी गाड़ी की रखवाली करेंगे?” ग्रामीणों का आरोप है कि थानों में शिकायत के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती। क्षेत्र में चर्चा है कि कुछ गिरोहों की पुलिस के साथ मिलीभगत है, जिसके कारण अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। ग्रामीण अब खुद को अपने ही क्षेत्र में असुरक्षित और गुलाम जैसा महसूस कर रहे हैं।

जीवन सिंह शेरपुर की चेतावनी: डेरों और थानों का होगा घेराव

ग्रामीणों को संबोधित करते हुए जीवन सिंह शेरपुर ने दो-टूक शब्दों में प्रशासन को चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि “किसी को डरने की जरूरत नहीं है, मैं आपके साथ उन कंजरों के गांवों और डेरों तक चलूंगा।” उन्होंने पुलिस को पांच दिन का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि चोरियां बंद नहीं हुईं, तो कलेक्टर कार्यालय और थानों का घेराव किया जाएगा। शेरपुर ने कहा कि मुख्यमंत्री तक यह बात पहुंचाई जाएगी कि यहाँ के लोग आज भी भय के साये में जी रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि दो-चार दिन में तारीख तय कर सीधे उन गांवों में दस्तक दी जाएगी जहां से यह गिरोह संचालित हो रहे हैं।

आंदोलन की राह पर क्षेत्र के किसान

वर्षों से चली आ रही इस समस्या के खिलाफ अब जावरा और पिपलोदा क्षेत्र के किसान आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं। शेरपुर के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने करणी सेना के साथ मिलकर आंदोलन का संकल्प लिया है। ग्रामीणों का कहना है कि अब वे चुप नहीं बैठेंगे और अपनी मेहनत की कमाई व संपत्ति की सुरक्षा के लिए किसी भी हद तक जाएंगे। इस बैठक के बाद से क्षेत्र में यह उम्मीद जगी है कि अब लंबे समय से चली आ रही इस गुंडागर्दी और चोरी की वारदातों पर अंकुश लग सकेगा।

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