विकास प्राधिकरण की लापरवाही: मार्ग चौड़ीकरण में पाइपलाइन फोड़ी
उज्जैन, अग्निपथ। जूना सोमवारिया से पिपली नाका और भैरवगढ़ मार्ग के चौड़ीकरण का कार्य उज्जैन के रहवासियों के लिए मुसीबत का सबब बन गया है। उज्जैन विकास प्राधिकरण (यूडीए) द्वारा कराए जा रहे इस निर्माण कार्य के दौरान शुक्रवार को जूना सोमवारिया में मुख्य पाइपलाइन ध्वस्त कर दी गई। प्राधिकरण के इंजीनियरों द्वारा पीएचई विभाग से बिना किसी तालमेल के काम करने के कारण यह बड़ी लापरवाही सामने आई है। पाइपलाइन फूटने से लाखों गैलन पानी सड़क पर बह गया, जिसके चलते शनिवार 10 जनवरी 2026 को शहर के तीन बड़े क्षेत्रों में पानी की किल्लत रहेगी।
प्रभावित क्षेत्र और खाली रह गईं टंकियां
पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने के कारण जूना सोमवारिया, वृंदावनपुरा और भैरवगढ़ क्षेत्र की पानी की टंकियां पूरी तरह नहीं भर पाई हैं। इसके परिणामस्वरूप आज शनिवार को इन क्षेत्रों में जलप्रदाय नहीं हो पाएगा। हजारों परिवारों को पीने के पानी के लिए परेशान होना पड़ेगा। अधिकारियों के अनुसार, लाइन की मरम्मत में समय लग सकता है, जिससे रविवार के जलप्रदाय पर भी आंशिक असर पड़ने की संभावना है।
तालमेल की कमी और सिंहस्थ की चुनौतियां
शहर में वर्तमान में कई प्रमुख मार्गों जैसे कोयला फाटक से गोपाल मंदिर और तेलीवाड़ा क्षेत्र में चौड़ीकरण का काम चल रहा है। जहां नगर निगम अपनी देखरेख में काम कर रहा है, वहीं जूना सोमवारिया मार्ग यूडीए के हाथ में है। हैरानी की बात यह है कि इन एजेंसियों के बीच समन्वय का भारी अभाव दिख रहा है। पीएचई और नगर निगम के इंजीनियरों से मार्गदर्शन लिए बिना की जा रही खुदाई से सरकारी संपत्ति का नुकसान तो हो ही रहा है, जनता को भी परेशानी उठानी पड़ रही है।
साझा रणनीति की जरूरत
सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के बीच इस तरह की लापरवाही गंभीर सवाल खड़े करती है। आवश्यकता इस बात की है कि निर्माण कार्य में लगी सभी एजेंसियां—चाहे वह नगर निगम हो, यूडीए हो या पीएचई—एक साथ बैठकर कार्ययोजना तैयार करें। यदि समय रहते इन एजेंसियों के बीच तालमेल नहीं बिठाया गया, तो विकास कार्य शहर की व्यवस्थाओं के लिए घातक साबित हो सकते हैं।
