धरमपुरी विधायक कालू सिंह ठाकुर ने लगाया गंभीर आरोप
धार, अग्निपथ। धरमपुरी से भाजपा विधायक कालू सिंह ठाकुर ने एक सनसनीखेज प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए खुद को हनी ट्रैप में फंसाने की साजिश का पर्दाफाश किया है। विधायक ने आरोप लगाया कि एक महिला और उसके साथी आसिफ अली ने मिलकर उन्हें ब्लैकमेल करने की कोशिश की और उनसे 2 करोड़ रुपये तथा एक लग्जरी फोर व्हीलर गाड़ी की मांग की। विधायक ठाकुर का कहना है कि मांग पूरी न होने पर उनके साथ अभद्रता की गई और उन्हें झूठे केस में फंसाने की धमकी दी गई।
मदद के बहाने कार्यालय पहुंची थी महिला
विधायक कालू सिंह ठाकुर ने घटनाक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि बीती 23 दिसंबर को एक महिला मदद के नाम पर धामनोद स्थित उनके स्थानीय कार्यालय पहुंची थी। उस समय विधायक भोपाल में थे, जिसके कारण महिला एक दिन कार्यालय में ही रुकी रही। इसके बाद महिला ने फोन पर सामान शिफ्ट करने का बहाना बनाकर विधायक से संपर्क किया और अगले दिन उनके भोपाल स्थित निवास पर पहुंच गई। वहां महिला ने विधायक से 15 हजार रुपये की आर्थिक सहायता मांगी, जिसे देने से विधायक ने इनकार कर दिया।
फोन पर गाली-गलौज और झूठे आरोप
विधायक का आरोप है कि बंगले से जाने के कुछ देर बाद ही महिला ने उन्हें फोन कर उन पर गलत मंशा से बुलाने के झूठे आरोप लगाना शुरू कर दिए। महिला और उसके साथी आसिफ अली ने फोन पर उनके साथ गाली-गलौज की और कानूनी कार्रवाई का डर दिखाकर मोटी रकम की मांग की। विधायक ने स्पष्ट किया कि उन्होंने महिला को कभी नहीं बुलाया था, वह अपनी मर्जी से ही सहायता मांगने आई थी।
अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
मामले की गंभीरता को देखते हुए विधायक ठाकुर ने 25 दिसंबर को स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज करानी चाही, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने 27 दिसंबर को आईजी अनुराग और धार कलेक्टर प्रियंक मिश्रा को लिखित शिकायत सौंपी। विधायक ने धार एसपी मयंक अवस्थी पर भी गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जब वे शिकायत लेकर पहुंचे, तो एसपी ने उनकी बात सुनने के बजाय उन्हें ही मामले में फंसाने की बात कही।
लव जिहाद और साजिश का अंदेशा
अपनी शिकायत में विधायक ने यह भी दावा किया है कि आरोपी आसिफ अली ने लव जिहाद के जरिए महिला से विवाह किया है और अब दोनों मिलकर क्षेत्र के प्रभावशाली लोगों को शिकार बना रहे हैं। इस पूरे प्रकरण की जानकारी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को भी दे दी गई है। फिलहाल पुलिस और प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन विधायक द्वारा लगाए गए इन आरोपों ने राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है।
