2 लाख रुपये का जुर्माना, लग्जरी कार में छिपाकर ले जा रहा था खेप
शाजापुर, अग्निपथ। जिले की विशेष एनडीपीएस कोर्ट ने मादक पदार्थों की तस्करी के एक गंभीर मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए आरोपी को कड़ी सजा से दंडित किया है। न्यायालय ने अफीम तस्करी के दोषी इकबाल, निवासी जावरा (जिला रतलाम) को 15 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। जेल के साथ-साथ कोर्ट ने आरोपी पर 2 लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। शासन की ओर से इस महत्वपूर्ण मामले की पैरवी जिला लोक अभियोजक महेन्द्रसिंह परमार द्वारा की गई।
पुलिस की घेराबंदी और फिल्मी अंदाज में गिरफ्तारी
यह पूरी कार्रवाई 7 फरवरी 2021 की रात को अंजाम दी गई थी। बेरछा पुलिस को मुखबिर से सटीक सूचना मिली थी कि एक काले रंग की लग्जरी हुंडई वरना कार में भारी मात्रा में नशा ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तत्काल रंथभंवर रेलवे फाटक, सुंदरसी रोड पर मोर्चा संभाला और नाकाबंदी कर दी। रात के अंधेरे में जैसे ही संदिग्ध कार वहां पहुंची, पुलिस ने उसे चारों तरफ से घेर लिया और आरोपी को हिरासत में ले लिया।
गुप्त केबिन में मिले अफीम के 14 पैकेट
पुलिस ने जब कार की बारीकी से तलाशी ली, तो दंग रह गई। तस्कर ने चालक की सीट के नीचे एक विशेष गुप्त स्थान (केबिन) बना रखा था, जिसमें एक काले रंग का बैग छिपाया गया था। बैग खोलने पर उसमें से अफीम के 14 पैकेट बरामद हुए, जिनका कुल वजन 7 किलोग्राम पाया गया। पुलिस की पूछताछ में आरोपी इकबाल ने स्वीकार किया कि वह यह अफीम हाईवे पर चलने वाले ट्रक ड्राइवरों को ऊंचे दामों पर बेचने के लिए ले जा रहा था।
साक्ष्यों के आधार पर मिली कड़ी सजा
न्यायालय ने मामले की सुनवाई के दौरान पुलिस द्वारा पेश किए गए साक्ष्यों और गवाहों के बयानों को आधार मानते हुए आरोपी को मादक पदार्थ तस्करी का दोषी पाया। समाज में फैलते नशे के जहर को देखते हुए कोर्ट ने तस्कर के प्रति कोई नरमी नहीं दिखाई और उसे 15 साल के लिए सलाखों के पीछे भेज दिया।
