दिसंबर में दर्ज हुआ था धोखाधड़ी का प्रकरण, आरोपी को सिंगरौली से लाई पुलिस
उज्जैन, अग्निपथ। नीलगंगा थाना क्षेत्र में दिसंबर माह में धोखाधड़ी का एक मामला सामने आया था। पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू की थी। मुखबीर की सूचना पर पुलिस ने धोखाधड़ी के आरोपी को सिंगरौली से गिरफ्तार कर लिया है।
थाना प्रभारी तरूण कुरील ने बताया अंबर कॉलोनी की रहने वाली विजया हारेल ने २४ दिसंबर को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उन्होंनें सिंगरौली में मैक रेकॉन नामक कंपनी में संजीव सिंह और निशिकांत मिश्रा के साथ साझेदारी में एक फर्म स्थापित की थी। यह फर्म पुरानी भारी मशीनरी को नवीनीकृत और मरम्मत२ कर नया बनाकर निर्यात या पुनर्विक्रय का कार्य करती थी। विजया हारेल ने कंपनी में १ करोड़ ८५ लाख रुपए का निवेश किया था।
हिला का आरोप है कि अन्य दोनों साझेदारों ने इस राशि का दुरुपयोग किया। उन्होंने रकम अपने खातों में या अपने परिचितों के खातों में स्थानांतरित करवाई और धोखाधड़ी की गई। मामले में जांच में बाद पुलिस को कई महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले। जांच में यह बात भी सामने आई कि दोनों आरोपियों के खिलाफ साइबर धोखाधड़ी से जुडे अन्य मामले भी दर्जं हैं। पुलिस के अनुसार हरियाणा में भी आरोपियों के खिलाफ प्रकरण पंजीबद्ध हैं।
पुलिस ने बताया एक आरोपी निशिकांत मिश्रा को हरियाणा पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं दूसरे आरोपी संजीव सिंह को नीलगंगा पुलिस सिंगरौली से गिरफ़्तार कर लाई है। पुलिस जांच में यह बात भी सामने आई है कि आरोपियों के खातों में देश के विभिन्न राज्यों से साइबर धोखाधड़ी की राशि आई है। ऐसे में संभावना है कि उनके खिलाफ अन्य राज्यों में भी साइबर धोखाधड़ी के कई मामले दर्ज हो सकते हैं। पुलिस आरोपी संजीव से पूछताछ कर रही है।
