आगर जिले में अवैध कॉलोनाइजरों के हौसले बुलंद, सीएम के निर्देश बेअसर

नलखेड़ा, अग्निपथ। विगत दिनों कलेक्टर–कमिश्नर कॉन्फ्रेंस में प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा प्रदेश में अवैध कॉलोनियों पर प्रभावी रोक लगाकर सख्त कार्रवाई के स्पष्ट निर्देश दिए गए थे, लेकिन इसके बाद भी आगर जिले में जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट नजर आ रही है। गंभीर आपराधिक मामलों में नामजद होने के बावजूद अवैध कॉलोनाइजरों पर न तो प्रशासनिक शिकंजा कस रहा है और न ही पुलिस की ओर से कोई ठोस कार्रवाई दिखाई दे रही है।

मामला आगर जिले के नलखेड़ा नगर की रुद्राक्ष सिटी कॉलोनी से जुड़ा है, जहां कॉलोनाइजर के विरुद्ध धोखाधड़ी की धारा 420 के तहत थाना नलखेड़ा में अपराध क्रमांक 332/24, दिनांक 21 नवंबर 2024 को प्रकरण दर्ज है। शिकायतकर्ता रुद्राक्ष सिटी कॉलोनी के प्लॉटधारी द्वारा आरोप लगाया गया है कि कॉलोनाइजर ने झूठे शपथ-पत्र, कूट रचित नक्शे और फर्जी सीमांकन रिपोर्ट के आधार पर उज्जैन स्थित टीएनसीपी कार्यालय से प्लानिंग अभिमत एवं कलेक्टर आगर से विकास अनुमति प्राप्त की।

एफआईआर के बाद भी कार्रवाई नहीं, पुलिस की भूमिका संदिग्ध

चौंकाने वाली बात यह है कि अपराध दर्ज होने के बाद पुलिस के द्वारा आरोपियों को थाने से जमानत दे दी गई है और मामले में प्रभावी जांच नहीं की गई है। बाद न्यायालय में चालान पेश करते समय पुलिस के द्वारा आरोपियों को फरार बताकर चालान न्यायालय में पेश कर दिया गया, जबकि आरोपी खुले में घूम रहे हैं। इस पूरे घटनाक्रम ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत के बाद भी नहीं हुई कोई कार्यवाही

रुद्राक्ष सिटी कॉलोनी की भूमि सर्वे क्रमांक 344/1 के सह-खातेदार कृषक कंवरलाल के पुत्र रमेशचंद्र द्वारा सीएम हेल्पलाइन शिकायत क्रमांक 35921874 दिनांक 18 दिसंबर 2025 को दर्ज कराई गई थी। शिकायत में स्पष्ट किया गया कि भूमि सर्वे क्रमांक 344/1 का नक्शा बटाकन अब तक नहीं हुआ है, इसके बावजूद कॉलोनाइजर अपनी भूमि बताकर प्लॉट बेच रहा है और शिकायतकर्ता की भूमि पर कब्जा दिलाया जा रहा है। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया कि प्लॉटधारी शिवनारायण बरेठा द्वारा विवादित भूमि पर निर्माण कार्य कराया जा रहा है और जब तक नक्शा बंटांकन की प्रक्रिया पूर्ण न हो, तब तक निर्माण रोके जाने की मांग की गई थी।

नामांतरण और निर्माण खुलेआम, शासन को राजस्व हानि

सबसे गंभीर पहलू यह है कि अवैध कॉलोनी में आज भी धड़ल्ले से प्लॉट बेचे जा रहे हैं। तहसील स्तर पर नामांतरण किए जा रहे हैं और बिना किसी वैधानिक अनुमति के भवन निर्माण कार्य निर्बाध रूप से जारी है, जिससे शासन को रुपये की राजस्व हानि हो रही है और अवैध कॉलोनाइजरों के हौसले बुलंद हैं।

हाईकोर्ट के आदेश भी ठंडे बस्ते में

इस पूरे मामले को लेकर कृषक कंवरलाल द्वारा माननीय उच्च न्यायालय में रिट पिटीशन दायर की गई है। आरोप है कि हाईकोर्ट द्वारा दिए गए निर्देशों का भी जिला प्रशासन पालन नहीं कर रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कॉलोनाइजर द्वारा नागरिकों को रेरा पंजीयन और टीएनसी स्वीकृति का सपना दिखाकर ऊंचे दामों पर प्लॉट बेचे जा रहे हैं, जबकि कॉलोनी की भूमि अब भी विवादित है। प्रभावित कृषक ने मीडिया के माध्यम से कलेक्टर आगर-मालवा, पुलिस अधीक्षक और थाना प्रभारी नलखेड़ा से निष्पक्ष जांच, निर्माण पर तत्काल रोक और दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की है।

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