मोहन बड़ोदिया, अग्निपथ। कलेक्टर ऋजु बाफना ने गुरुवार को मोहन बड़ोदिया क्षेत्र का सघन दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, शासकीय कन्या शाला और नल-जल योजना का निरीक्षण करते हुए लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और ठेकेदारों को जमकर फटकार लगाई।
अपूर्ण भवन के लोकार्पण पर कलेक्टर सख्त, जांच कमेटी गठित
कलेक्टर ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के नवीन पब्लिक हेल्थ यूनिट ब्लॉक का अवलोकन किया। लगभग 50 लाख रुपये की लागत से बने इस भवन में गंभीर कमियां पाई गईं; गेट ठीक से नहीं लग रहे थे और छत पर दरारें दिखाई दीं। उल्लेखनीय है कि इस अपूर्ण भवन का लोकार्पण 26 सितंबर 2025 को ही कराया जा चुका था। निर्माण कार्य में गुणवत्ता की कमी को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने तत्काल जांच समिति गठित करने के निर्देश दिए।
छात्राओं की पढ़ाई देख खुश हुईं कलेक्टर, भेंट की चॉकलेट
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर शासकीय कन्या शाला पहुंचीं, जहां उन्होंने छात्राओं से पाठ्य-पुस्तकें पढ़वाईं। छात्राओं के शैक्षणिक स्तर और आत्मविश्वास से प्रसन्न होकर उन्होंने बच्चों का उत्साहवर्धन किया और उन्हें चॉकलेट भेंट की।
‘अग्निपथ’ की खबर का असर: जल संकट दूर करने के कड़े आदेश
मोहन बड़ोदिया में पिछले दो महीनों से व्याप्त जल संकट को ‘दैनिक अग्निपथ’ ने 9 जनवरी के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसका संज्ञान लेते हुए कलेक्टर ने नल-जल योजना के कार्य में देरी पर सख्त नाराजगी जताई। उन्होंने ठेकेदार को 20 दिनों के भीतर कार्य पूर्ण कर जलापूर्ति शुरू करने की चेतावनी दी। साथ ही निर्देश दिए कि जब तक योजना शुरू नहीं होती, तब तक प्रभावित क्षेत्रों में टैंकरों के माध्यम से पानी पहुंचाया जाए।
इनका कहना है “बीपीसीएल भवन और नल-जल योजना के निरीक्षण में कमियां मिली हैं। इसके लिए जांच कमेटी बनाई गई है। नल-जल योजना में देरी को देखते हुए फिलहाल वैकल्पिक व्यवस्था से जलापूर्ति करने के निर्देश दिए गए हैं।” — ऋजु बाफना, कलेक्टर
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