एकाएक ठंड हुई नदारद, बादल खुलते ही फिर पड़ेगी तेज ठंड
उज्जैन, अग्निपथ। मौसम विभाग ने 23 जनवरी से अलर्ट जारी कर दिया था कि वेस्टर्न डिस्टर्वेंस सक्रिय होगा, जिसके चलते मावठा गिरेगा। हुआ भी यही मंगलवार को मौसम का मिजाज बिगड़ दिया। सुबह करीब 8 बजे बादलों की गडग़ड़ाहट के साथ मावठा गिरा। शहर के कुछ हिस्सों में तेज तो कुछ हिस्सों में बूंदाबांदी हुई। इस दौरान हवा की रुख भी बदल गया। हवा में ठंडक गायब हो गई थी। बादल हो जाने से रात के तापमान में उछाल आचया। पारा बढ़ोत्तरी के साथ 16 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया था।
मौसम विभाग की भविष्यवाणी सही हुई। मंगलवार को सूरज और बादलों के बीच आंखमिचौली चलती रही। शासकीय जीवाजी वेधशाला के अधीक्षक डॉ. राजेंद्र प्रकाश गुप्त ने बताया कि वर्तमान में पश्चिम विक्षोभ सक्रिय है जिसे अरब सागर से नमी मिल रही है जिसके चलते बादल और मावठे की स्थितियां बनी हुई हैं। फिलहाल बुधवार तक मौसम ऐसा ही रहने की संभावना है। वहीं, वेस्टर्न डिस्टरबेंस के चलते पहाड़ों पर बर्फबारी के दौर फिर शुरू हो गया है, फिलहाल जो तापमान बढ़ा है वह मौसम साफ होते ही उत्तर भारत से आने वाली बर्फीली हवाओं के कारण तेजी से लुढक़ेगा। हालांकि बादल छाने के कारण दिन का पारा आधा डिग्री गिरकर 28 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया था।
जनवरी में रहता है सबसे कम तापमान
पिछले 10 सालों की बात करें तो जनवरी में ही न्यूनतम तापमान सबसे कम रहा। वर्ष 2017 में 13 जनवरी को रात का पारा 2 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया था जो अब तक का सबसे कम तापमान है। इसके अलावा 6 जनवरी 2015 को 5 डिग्री, 22 जनवरी 2016 को 4.5, 3 जनवरी 2018 को 6.5, 30 जनवरी 2019 को 3.2, 20 जनवरी 2020 को 6.4, 31 जनवरी 2021 4.5, 28 जनवरी 2022 को 4, 9 जनवरी 2023 को 6.5 और 22 जनवरी 2024 को न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
ठंड के लिए खास है जनवरी
जिस तरह मानसून के चार महीने (जून, जुलाई, अगस्त और सितंबर) में से दो महीने जुलाई-अगस्त अहम रहते हैं और इन्हीं में 60 प्रतिशत या इससे अधिक बारिश होती है, उसी तरह दिसंबर और जनवरी में कड़ाके की सर्दी पड़ती है। इन्हीं दो महीने में प्रदेश में उत्तर भारत से सर्द हवाएं ज्यादा आती हैं इसलिए टेम्परेचर में अच्छी-खासी गिरावट आती है। सर्द हवाएं भी चलती हैं। पिछले 10 साल के आंकड़े भी यही ट्रेंड बताते हैं। वेस्टर्न डिस्टरबेंस के एक्टिव होने से जनवरी में मावठा भी गिरता है जो आज भी गिरा।
बारिश के साथ ओलावृष्टि, फसलों को नुकसान
उज्जैन के आसपास के क्षेत्रों में मंगलवार शाम को तेज बारिश और ओलावृष्टि हुई। शाम होते-होते तेज हवा चलने लगी। करीब 6 बजे से घट्टिया और तराना तहसील के ग्राम बनड़ा बमोरी व आसपास के गांवों में तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि हो गई। आधे घंटे तक बारिश से खेतों में खड़ी गेहूं की फसल आड़ी हो गई। जिससे किसानों को भारी नुकसान हुआ है। ग्रामीण इलाके में हुई तेज बारिश से लोग भी परेशान होते रहे। बमोरी गांव में एक किसान के सात बीघा में लगी गेहूं की खेती पूरी तरह चौपट हो गई। मौसम विभाग ने बुधवार को भी प्रदेश में कई जगह बारिश की चेतावनी जारी की है।
