पुलिस ने बचाकर परिजनों के सुपुर्द किया
उज्जैन, अग्निपथ। बडऩगर थाना क्षेत्र स्थित चामला नदी पर एक नाबालिग बालिका को कुछ लोगों ने डूबने से बचाया। बालिका परिजनों से नाराज होकर आत्महत्या के इरादे से नदी में कूदने वाली थी। उसे छलांग लगाने से पहले ही कुछ लोगों ने रोककर पुलिस को बुलाया।
पुलिस ने बताया मंगलवार सुबह 10.15 बजे प्रधान आरक्षक राहुल सिंह राठौर को सूचना मिली कि खौप दरवाजा क्षेत्र में चामला नदी पर एक नाबालिग बालिका छलांग लगाने वाली थी लेकिन उसे रोक लिया गया है। सूचना मिलते ही तत्काल पुलिस मौके पर पहुंची और बालिका को अभिरक्षा में लेकर संवेदशीलता के साथ उसे समझाइश दी और परिजनों को बुलाकर उनके सुपुर्द किया। परिजनों को भी पुलिस ने समझाइश दी कि वे बालिका को किसी प्रकार से डांटे नहीं और प्रेम पूर्वक व्यवहार कर उसे समझाइश दे।माता-पिता ने पढार्इं की बात को लेकर बालिका को डांटा था तो वह नाराज होकर चामला नदी में डूबने चली गई थी।
पैरेंंट्स से नाराज बालिका चित्तौड़ से उज्जैन आई पुलिस ने समझाइश के बाद परिजनों के सुपुर्द किया
उज्जैन, अग्निपथ। देवासगेट थाना क्षेत्र में बस स्टैंड पर एक नाबालिग बालिका अकेली एक जगह डरी-सहमी सी खड़ी थी। सूचना मिलने पर पुलिस उसके पास पहुंची। पता चला कि वह राजस्थान के चित्तौडग़ढ़ की रहने वाली है और माता-पिता से नाराज होकर घर से निकल गई थी। थाना प्रभारी अनिला पाराशर ने बताया राजस्थान के चित्तौडगढ़ की रहने वाली नाबालिग बालिका पारिवारिक विवाद के चलते परिजनों से नाराज होकर बगैर बताए घर से निकल गई थी। वह चित्तोडगढ़ के रेलवे स्टेशन पहुंची और वहां ट्रेन में बैठकर भटकते हुए उज्जैन आ गई।
यहां आकर देवासगेट क्षेत्र में एक कोने में खड़ी होकर रो रही थी। पुलिस को किसी सज्जन ने बालिका की सूचना दी। देवासगेट पुलिस तत्काल बालिका के पास पहुंची और संवेदनशीलता के साथ उससे बातचीत कर पता किया कि वो कौन है और यहां कैसे पहुंची। बालिका ने अपने माता-पिता के बारे में बताया और यह भी बताया कि वह घर से अकेली ही आई है और कोई अप्रिय घटना उसके साथ नहीं हुई है। पुलिस ने राजस्थान के चित्तौडग़ढ़़ पुलिस से संपर्क कर परिजनों को बालिका के संबंध में जानकारी दी।
