पुजारी के साथ हिंदू जागरण मंच ने कहा 12 ज्योतिर्लिंग में एक जैसी व्यवस्था हो
उज्जैन, अग्निपथ। देश के ससबे बड़े मंदिरों में विख्यात उत्तराखंड के चारधाम मंदिरों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध के बाद अब उज्जैन के ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर मंदिर में भी गैर हिंदुुओं के प्रवेश पर रोक की मांग उठी है। महाकाल मंदिर के पुजारी महेश गुरु एवं हिंदू जागरण मंच की ओर से रितेश माहेश्वरी ने यह मांग करते हुए केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार से मांग की है कि अकेले महाकाल मंदिर ही संपूर्ण उज्जैन शहर के प्रमुख व प्राचीन मंदिरों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध लगना चाहिए। उत्तराखंड के गंगोत्री धाम में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया जा रहा है। इसको देखते हुए अब देश के 12 ही ज्योतिर्लिंग में भी इस तरह प्रकार की व्यवस्था एक जैसी समान लागू होना चाहिए।
दर्शन के लिए आए तो कोई दिक्कत नहीं, घूमने-फिरने पर प्रतिबंध
पुजारी महेश गुरु ने यह भी कहा कि यदि कोई गैर-हिंदू सनातन धर्म में आस्था रखता है और वह दर्शन की भावना से मंदिर तक आता है तो इसमें कोई दिक्कत नहीं है। लेकिन यदि कोई व्यक्ति केवल घूमने-फिरने या गलत मंशा के साथ मंदिर में प्रवेश करता है और इससे सनातन धर्म की भावनाओं को ठेस पहुंचती है, तो ऐसे लोगों पर सख्ती से प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए।
साल 2025 में एक दर्जन गैर हिंदू महाकाल मंदिर से पकड़ा चुके
हिंदू जागरण मंच के रितेश माहेश्वरी ने मीडिया को बताया कि साल 2025 में मंदिर परिसर से एक दर्जन गैर हिंदू युवकों को पकड़ा जा चुका है, जो लड़कियों के साथ मंदिर परिसर में गलत तरीके से घूमते फिरते पाए गए। उन्होंने कहा कि महाकाल मंदिर धार्मिक आस्था का केंद्र है न कि घूमने का स्थान।
