उज्जैन, अग्निपथ। शासन को गुमराह कर और स्वयं को गरीबी रेखा के नीचे (BPL) बताकर सरकारी लाभ लेने वाले दो धनाढ्य भाइयों के विरुद्ध न्यायालय ने धोखाधड़ी सहित विभिन्न आपराधिक धाराओं में प्रकरण दर्ज करने के आदेश दिए हैं। शासन को आर्थिक नुकसान पहुंचाने और कूटरचित दस्तावेजों का उपयोग करने के मामले में न्यायालय ने यह सख्त रुख अपनाया है।
सुख-सुविधाओं से संपन्न होने के बावजूद बना लिया था राशन कार्ड
हाईकोर्ट अधिवक्ता आशीष तिवारी (क्रिमिनल) ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि पत्रकार रशीद खान ने अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) के समक्ष शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, अंडा गली टंकी चौराहा निवासी माज हैदर व सुल्तान हैदर पिता गुलाम हैदर ने गरीबी रेखा का कार्ड बनवा रखा था, जबकि वे इसके पात्र नहीं थे। पटवारी द्वारा की गई जांच में सामने आया कि हैदर परिवार के पास स्वयं की खेती की जमीन, बेशकीमती प्लॉट और मकान है। साथ ही घर में विलासिता के समस्त उपकरण मौजूद हैं। इस रिपोर्ट के आधार पर 16 नवंबर 2016 को इनका बीपीएल कार्ड निरस्त कर दिया गया था।
न्यायालय ने माना गंभीर अपराध, दर्ज हुई एफआईआर
बीपीएल कार्ड निरस्त होने के बाद रशीद खान ने अधिवक्ता आशीष तिवारी के माध्यम से न्यायालय में निजी परिवाद दर्ज कराया। न्यायालय ने गवाहों और सबूतों का अवलोकन करने के पश्चात 27 जनवरी 2026 को आरोपी माज हैदर व सुल्तान हैदर के विरुद्ध भादवि की धारा 419, 420, 467, 468 एवं 471 के तहत प्रकरण दर्ज करने का आदेश दिया। न्यायालय ने माना कि आरोपियों ने गलत जानकारी और कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर गरीबों का हक छीनने का कार्य किया है।
