धार, अग्निपथ। शहर के आईजीएम कॉलेज की छवि धूमिल करने की कोशिश कर रहे असामाजिक तत्वों के विरुद्ध अब छात्र-छात्राएं और कॉलेज स्टाफ लामबंद हो गए हैं। मंगलवार को जनसुनवाई के दौरान बड़ी संख्या में विद्यार्थियों और स्टाफ सदस्यों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर अपना पक्ष रखा। छात्रों ने स्पष्ट किया कि कॉलेज के विरुद्ध की जा रही शिकायतें पूरी तरह झूठी और बेबुनियाद हैं और यह केवल संस्थान को बदनाम करने की नीयत से किया जा रहा है।
सुचारू रूप से संचालित हैं शैक्षणिक गतिविधियां
कलेक्टर को सौंपे गए ज्ञापन में बताया गया कि कॉलेज में विद्यार्थियों के रजिस्ट्रेशन और परीक्षाएं सुचारू रूप से संचालित हो रही हैं। कॉलेज प्रशासन द्वारा समय-समय पर सभी आवश्यक कार्य पूर्ण किए जा रहे हैं। छात्र-छात्राओं ने प्रशासन को अवगत कराया कि रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया से जुड़ी समस्त जानकारी कॉलेज द्वारा जबलपुर यूनिवर्सिटी और एनसीएच नई दिल्ली को भेजी जा चुकी है। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि वर्ष 2012 से 2015 तक के सभी बैच के छात्रों को प्रोविजनल और परमानेंट रजिस्ट्रेशन प्राप्त हो चुके हैं और वे वर्तमान में विभिन्न शासकीय संस्थानों और अस्पतालों में सेवाएं दे रहे हैं।
दस्तावेजों की उपलब्धता और कानूनी प्रक्रिया
कॉलेज स्टाफ और विद्यार्थियों ने वर्ष 2016 और 2017 बैच के प्रकरणों पर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि एमक्यूआरएल से संबंधित समस्त दस्तावेज एमपीएमएसयू जबलपुर और एनसीएच नई दिल्ली को भेजे जा चुके हैं, जिसकी ईमेल और डिलीवरी रिपोर्ट कॉलेज के पास सुरक्षित है। उन्होंने तर्क दिया कि यदि कॉलेज के पास संबद्धता (एफिलिएशन) नहीं होती, तो छात्र परीक्षा उत्तीर्ण नहीं कर पाते। इन वर्षों के सभी एडमिशन मध्यप्रदेश शासन द्वारा निर्धारित काउंसलिंग प्रक्रिया के माध्यम से ही हुए हैं। पंजीयन प्रक्रिया में हो रहा विलंब केवल कुछ प्रशासनिक और तकनीकी अड़चनों के कारण है, जिसे सुलझाने के प्रयास जारी हैं।
झूठी शिकायत करने वालों पर एफआईआर की मांग
छात्रों ने बताया कि माननीय उच्च न्यायालय खंडपीठ इंदौर द्वारा पारित आदेश के बाद सभी छात्रों को फाइनल रजिस्ट्रेशन मिलना सुनिश्चित है। कॉलेज प्रशासन ने जिला प्रशासन से अनुरोध किया है कि छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए यूनिवर्सिटी स्तर पर इस प्रकरण का शीघ्र निराकरण कराया जाए। साथ ही, कॉलेज के खिलाफ बार-बार झूठी और भ्रामक शिकायतें दर्ज कराने वाले असामाजिक तत्वों पर कड़ी कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज करने की मांग भी की गई है। कॉलेज प्रशासन ने विश्वास दिलाया है कि वे सभी आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने और संबंधित संस्थाओं को पूर्ण सहयोग देने के लिए सदैव तत्पर हैं।
