नागदा अग्निपथ। ईट भट्टा संचालकों पर खनिज विभाग द्वारा लगातार कार्यवाही से परेशान होकर गुुरुवार की सुबह पुलिस थाने चौराहे रैली के रुप में एसडीएम कार्यालय पहुंचे। इस दौरान पुराने बस स्टेंड पर धरना देकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान एसडीएम ने खनिज विभाग के अधिकारियों को बुलाकर चर्चा कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद ईट भट्टा श्रमिकों ने एसडीएम कार्यालय पर धरना प्रदर्शन किया। कलेक्टर को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा।
ईट भट्टा संचालकों के ट्रेक्टर ट्रालियों पर खनिज विभाग उज्जैन की टीम लगातार कार्यवाही कर रही है जिसके कारण ईट भट्टा संचालकों के साथ साथ श्रमिकों में भी आक्रोश फैल गया। गुरुवार की सुबह लगभग दस बजे ट्रेक्टर ट्राली में सवार होकर श्रमिक पुलिस थाना चौराहे पर पहुंचे।
ग्रामीणों द्वारा झूठी शिकायतेंं की जा रही
ईट भट्टा समिति के अध्यक्ष दौलतराम प्रजापत ने बताया कि कुछ ग्रामीणों द्वारा झूठी शिकायतेंं की जा रही है जिससे खनिज विभाग की टीम पीली मिट्टी से भरी ट्रेक्टर ट्रालियों को जब्त करने की कार्यवाही कर रही है ऐसे में ईट भट्टा संचालक और श्रमिक परेशान हो रहे है। गुरुवार को भी दो ट्रेक्टर ट्रालियों को जब्त कर पुलिस थाना परिसर में खड़ा कर दिया, इससे आक्रोशित ईट भट्टा संचालक और श्रमिक बड़ी संख्या में पुलिस थाना परिसर में पहुंचे, लेकिन मामला खजिन विभाग को होने से कोई समाधान नहीं निकला।
धरने पर बैठ गए
श्रमिक रैली के रुप में पुराने बस स्टेंड पहुंचे, जहां एसडीएम रंजना पाटीदार, तहसीलदार मधु नायक, नायब तहसीलदार सुभाष सुनहरे, टीआई अमृतलाल गवरी मौजूद रहे। एसडीएम ने बताया कि खनिज विभाग कलेक्टर के अधीन है खजिन विभाग के अधिकारियों को बुलाकर कार्यालय में चर्चा करवा देती हूं जिनको नागदा आने में एक से दो घंटे लगेंगे, आप चार या पांच लोग आ जाओ। श्रमिक और ईट भट्टा संचालक ट्रेक्टर ट्रालियों के साथ एसडीएम कार्यालय पर पहुंचे और धरने पर बैठ गए।
समस्या का समाधान करने की मांग
धरने के दौरान कलेक्टर रोशन सिंह को संबोधित ज्ञापन एसडीएम पाटीदार को सौंपा, जिसमें बताया कि ईट भट्टों पर आठ से दस हजार श्रमिक कार्य करते है खजिन विभाग की लगातार कार्यवाही से ईट भट्टे बंद होने की कगार पर पहुंच गए है ऐसे में आठ से दस हजार श्रमिकों के सामने रोजी रोटी का संकट पैदा हो गया है। स्थानीय प्रशासन को अवगत कराने के बाद भी समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है। ज्ञापन में जब्त ट्रेक्टर ट्रालियों को बिना प्रकरण दर्ज किए छोडऩे ओर समस्या का समाधान करने की मांग की गई।
