उज्जैन, अग्निपथ। आगामी 15 फरवरी को आने वाले महाशिवरात्रि पर्व पर बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन में आस्था का सैलाब उमड़ने वाला है। प्रशासन का अनुमान है कि इस पावन अवसर पर देश-दुनिया से करीब 10 लाख श्रद्धालु भगवान महाकाल के दर्शन हेतु पहुंचेंगे। इतनी विशाल संख्या को देखते हुए जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन और महाकाल मंदिर प्रबंध समिति ने सुरक्षा से लेकर सुलभ दर्शन तक की व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है।
शिव नवरात्रि का समापन और विशेष भस्म आरती
मंदिर में वर्तमान में शिव नवरात्रि का उत्सव पूरे उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। इसका समापन 15 फरवरी को महाशिवरात्रि के महापर्व पर होगा। परंपरा के अनुसार, महाशिवरात्रि के अगले दिन यानी 16 फरवरी को दोपहर में विशेष भस्म आरती आयोजित की जाएगी। मंदिर के अंदर और बाहर की तैयारियों को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस की उच्च स्तरीय बैठक संपन्न हो चुकी है। मंदिर समिति के अधिकारी भीड़ प्रबंधन, चिकित्सा सुविधाओं और वीआईपी (VIP) आवागमन को लेकर अलग-अलग स्तर पर योजना तैयार कर रहे हैं।
सुरक्षा का अभेद्य घेरा: 1500 जवान संभालेंगे मोर्चा
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को नियंत्रित करने और सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रखने के लिए पुलिस प्रशासन ने व्यापक कार्ययोजना बनाई है। मंदिर परिसर से लेकर शहर के प्रमुख मार्गों तक कुल 1500 पुलिस जवानों को तैनात करने का निर्णय लिया गया है।
वीआईपी व्यवस्था: विशेष रूप से 250 पुलिसकर्मी वीआईपी प्रोटोकॉल और उनकी सुरक्षा व्यवस्था संभालेंगे।
महिला सुरक्षा: महिला श्रद्धालुओं की सहायता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए करीब 150 महिला सुरक्षाकर्मियों की विशेष तैनाती की जाएगी।
यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए भी शहर के बाहरी हिस्सों में पार्किंग और डायवर्सन प्लान तैयार किया जा रहा है, ताकि श्रद्धालुओं को पैदल कम चलना पड़े और दर्शन आसानी से हो सकें।
