उज्जैन, अग्निपथ। शासकीय कालिदास कन्या महाविद्यालय, उज्जैन में क्रीड़ा अधिकारी श्री घनेंद्र चौधरी के नेतृत्व एवं संयोजन में तीन दिवसीय वार्षिक खेल उत्सव का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती पूजन एवं अतिथि स्वागत के साथ हुआ। इसके पश्चात मार्च पास्ट, राष्ट्रगान तथा खेल भावना की शपथ के उपरांत मुख्य अतिथि उज्जैन संभाग के अतिरिक्त संचालक डॉ. एच.एल. अनिजवाल द्वारा खेल प्रतियोगिताओं की औपचारिक घोषणा की गई।
अभ्यास ही विजय का मार्ग: डॉ. अनिजवाल
मुख्य अतिथि डॉ. अनिजवाल ने छात्राओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि खेल भावना और मैदान पर निरंतर अभ्यास ही वास्तविक विजय का मार्ग प्रशस्त करते हैं। शासकीय महाविद्यालय उन्हेल के क्रीड़ा अधिकारी श्री आर.के. कौरव ने “गुजरा हुआ जमाना आता नहीं दोबारा” गीत की पंक्तियों के माध्यम से छात्राओं को प्रेरित करते हुए छात्र जीवन के प्रत्येक अवसर का भरपूर लाभ उठाने का संदेश दिया। शासकीय स्नातकोत्तर कन्या महाविद्यालय की क्रीड़ा अधिकारी सुश्री संगीता कालेकर ने कहा कि वार्षिक खेल उत्सव छात्राओं की प्रतिभा को मंच प्रदान करता है।
खेल विकसित करते हैं टीम भावना
अध्यक्षीय उद्बोधन में महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. वंदना गुप्ता ने कहा कि खेल अनुशासन, टीम भावना एवं आत्मबल का विकास करते हैं। उन्होंने प्रेरणादायी पंक्तियों के माध्यम से छात्राओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि “धूप में निकलो, घटाओं में नहाकर देखो, ज़िन्दगी क्या है, किताबों को हटाकर देखो।” तीन दिवसीय आयोजन के अंतर्गत दौड़, बैडमिंटन, रस्साकशी, टेबल टेनिस, बास्केटबॉल, गोला फेंक, कबड्डी, पिट्ठू तथा पुशअप सहित विभिन्न खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं, जिनमें छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
विजेताओं को मिले पदक और ट्रॉफियां
समापन समारोह में जिम्नास्ट श्री सुपेकर, सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय के खेल विभाग के निदेशक डॉ. वीरेंद्र चावरे, प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस माधव महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. कल्पना सिंह, शासकीय स्नातकोत्तर कन्या महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. प्रशांत पौराणिक, माधव विज्ञान महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. हरीश व्यास तथा महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. वंदना गुप्ता की गरिमामय उपस्थिति रही।
डॉ. कल्पना सिंह ने छात्राओं के उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि छात्र जीवन का अनुशासन और युवाशक्ति समाज परिवर्तन की सशक्त क्षमता रखती है। प्राचार्य डॉ. वंदना गुप्ता ने अंत में कहा कि जीत पर पदक मिलता है और हार पर अनुभव, जो जीवन में सदैव सहायक होता है। कार्यक्रम में ‘टीम धुरंधर’, ‘टीम वारियर’ एवं ‘टीम अभ्युदय’ ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। अंत में सभी विजेता छात्राओं को मेडल, ट्रॉफी एवं प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।
