उज्जैन, अग्निपथ। विश्व प्रसिद्ध श्री मंगलनाथ मंदिर में शनिवार सुबह एक सनसनीखेज वाकया सामने आया, जब मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार पर लगे वजनी लाल पत्थर और फर्शियां अचानक भरभराकर नीचे गिर गईं। गनीमत रही कि जिस वक्त यह पत्थर गिरे, उस सटीक स्थान पर कोई श्रद्धालु या पुजारी मौजूद नहीं था, वरना एक बड़ी जनहानि हो सकती थी।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शनिवार सुबह जब मंदिर परिसर में भक्तों की आवाजाही जारी थी, तभी अचानक मुख्य द्वार के ऊपरी हिस्से से भारी पत्थर नीचे आ गिरे। पत्थरों के गिरने की आवाज इतनी तेज थी कि परिसर में मौजूद श्रद्धालु सहम गए। इन पत्थरों की चपेट में आने से नीचे रखा एक मजबूत सीमेंट का गमला चकनाचूर हो गया। घटना के तुरंत बाद सुरक्षा की दृष्टि से मुख्य द्वार को बंद कर दिया गया और श्रद्धालुओं को पुराने द्वार से प्रवेश दिया जाने लगा।
निर्माण की गुणवत्ता पर उठे गंभीर सवाल
बताया जा रहा है कि मंदिर का यह निर्माण कार्य पिछले सिंहस्थ मेले के दौरान किया गया था। महज कुछ वर्षों में ही पत्थरों का इस तरह उखड़कर गिरना निर्माण कार्य की गुणवत्ता और लोक निर्माण विभाग के रखरखाव पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। स्थानीय लोगों और भक्तों में इस लापरवाही को लेकर काफी आक्रोश देखा जा रहा है।
गादीपति महंत ने जताई नाराजगी
मंगलनाथ मंदिर के गादीपति महंत राजेंद्र भारती ने इस घटना पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि समय रहते मंदिर का उचित रखरखाव किया जाता, तो यह नौबत नहीं आती। महंत भारती ने घटना का वीडियो जिला कलेक्टर को भेजकर उन्हें पूरी स्थिति से अवगत कराया है और दोषियों पर कार्रवाई के साथ-साथ मंदिर की मरम्मत सुनिश्चित करने की मांग की है।
