धार में तीन दिवसीय कृषि मेले का समापन: मिलेट ब्रांडिंग और आधुनिक तकनीक पर दिया जोर

धार, अग्निपथ। धार में आयोजित तीन दिवसीय कृषि मेले के अंतिम दिन मिलेट ब्रांडिंग गैलरी आकर्षण का केंद्र रही। इस गैलरी में श्रीअन्न जैसे ज्वार, बाजरा, कोदो-कुटकी और रागी के बीजों के साथ इनसे बने विभिन्न उत्पादों जैसे पापड़, खाखरा, नूडल्स, पोहा, परमल और बिस्किट का प्रदर्शन किया गया। किसानों को जानकारी दी गई कि प्रसंस्करण के माध्यम से वे अपनी उपज का तीन गुना लाभ कैसे प्राप्त कर सकते हैं। उप संचालक कृषि ज्ञानसिंह मोहनिया ने सिंचाई सुविधा वाले किसानों को मूंगफली, तिल, बाजरा, उड़द और मूंग की बोनी करने की सलाह दी। साथ ही, हाई डेंसिटी पद्धति से कपास उत्पादन और एग्रीस्टेक के माध्यम से फार्म आईडी बनाने पर जोर दिया गया।

मृदा स्वास्थ्य और नरवाई प्रबंधन की दी जानकारी

तकनीकी सत्र में कृषि वैज्ञानिक डॉ. एस.एस. चौहान ने किसानों को मिट्टी परीक्षण की महत्ता बताते हुए रिपोर्ट के आधार पर उर्वरक उपयोग की सलाह दी। अभियांत्रिकी सहायक अभिषेक अग्रवाल ने आगाह किया कि नरवाई जलाने से पर्यावरण और भूमि की उर्वरा शक्ति नष्ट होती है, इसलिए आधुनिक कटाई यंत्रों का उपयोग कर नरवाई प्रबंधन करना चाहिए। सहायक संचालक श्रीमती संगीता तोमर और अंकिता पाण्डे ने मिलेट के पोषक तत्वों और प्रसंस्करण से होने वाले आर्थिक लाभ के बारे में विस्तार से बताया। कार्यक्रम में संतोष पाटीदार ने ई-कृषि प्रणाली और विवेक बार्चे ने मिलेट प्रदर्शनी के माध्यम से किसानों का मार्गदर्शन किया।

विभागीय योजनाओं और मत्स्य पालन से आय वृद्धि के उपाय

मेले में उद्यानिकी विभाग की अंकिता सोलंकी ने सूक्ष्म सिंचाई और संरक्षित खेती की योजनाओं की जानकारी दी, वहीं मत्स्य निरीक्षक बर्मन ने उन्नत बीजों के माध्यम से मछली पालन से आय बढ़ाने के तरीके बताए। भारतीय किसान संघ के प्रदेश मंत्री राजेंद्र शर्मा, महेश ठाकुर और अमोल पाटीदार ने भी विभागीय प्रदर्शनी के माध्यम से किसानों को जागरूक किया। मेले के दौरान विभिन्न कंपनियों द्वारा लकी ड्रॉ आयोजित किए गए और तकनीकी प्रश्नों के सही उत्तर देने वाले किसानों को पुरस्कृत किया गया, जिससे कृषकों में भारी उत्साह देखा गया।

40 लाख रुपये के कृषि यंत्रों की हुई खरीदी

विगत तीन दिनों में इस मेले में 85 से अधिक प्रदर्शनियां लगाई गईं, जिनमें नैनो यूरिया, आधुनिक कृषि यंत्र और जैविक खेती प्रमुख रहे। मेले के दौरान किसानों ने लगभग 40 लाख रुपये से अधिक के कृषि यंत्र खरीदे, जिनमें स्वचालित रीपर कंबाइंडर, स्ट्रॉ रीपर और ट्रैक्टर शामिल हैं। अंतिम दिन 1500 से अधिक किसानों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम के अंत में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली कंपनियों और प्रगतिशील किसानों को पुरस्कृत किया गया। मंच संचालन के.एस. झणिया, डी.के. उपाध्याय और डी.एस. मौर्य द्वारा किया गया।

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