उज्जैन, अग्निपथ। चिमनगंज मंडी थाना क्षेत्र के बजरंग नगर में रहने वाले एक 35 वर्षीय ड्राइवर ने ऑनलाइन जहर मंगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। शनिवार रात उपचार के दौरान जिला अस्पताल में युवक की मौत हो गई। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है और मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।
बीमारी और बेकारी से टूट चुका था जितेंद्र
पुलिस के अनुसार, मृतक की पहचान जितेंद्र (35), पिता प्रेम नारायण कुशवाहा के रूप में हुई है। मृतक के भाई राम कुशवाहा ने बताया कि जितेंद्र पेशे से ड्राइवर था, लेकिन वर्ष 2023 में हुए एक सड़क हादसे ने उसकी जिंदगी बदल दी। एक्सीडेंट में कमर की नस दबने के कारण उसके शरीर का एक हिस्सा पैरालिसिस (लकवा) का शिकार हो गया था। इसके बाद से वह काम करने में असमर्थ था और लंबे समय से बीमार चल रहा था। घर का खर्च चलाने के लिए उसकी पत्नी माया मजदूरी करने जाती थी।
पत्नी को वीडियो कॉल कर दी थी सूचना
शनिवार दोपहर करीब 2:00 बजे जितेंद्र ने अपनी पत्नी माया को वीडियो कॉल किया और जहर खाने की बात कही। इससे पहले भी वह कई बार आत्महत्या की धमकी दे चुका था, इसलिए पत्नी ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। शाम 6:00 बजे जब माया घर लौटी, तो जितेंद्र की तबीयत बिगड़ी हुई थी। शुरुआत में पत्नी को लगा कि शायद उसने शराब पी होगी, लेकिन जब उसके बेटे यश को बिस्तर के पास सल्फास की डिब्बी मिली और जितेंद्र ने खुद ऑनलाइन जहर मंगाकर खाने की बात कबूली, तो हड़कंप मच गया। परिजन उसे तुरंत अस्पताल ले गए, जहाँ उसकी मौत हो गई।
ऑनलाइन जहर की डिलीवरी पर उठे सवाल
इस घटना ने ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म्स की सुरक्षा और नैतिकता पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। जितेंद्र के भाई ने बताया कि ऑनलाइन ट्रांजैक्शन से पता चला है कि उसने 6 दिसंबर को जहर का ऑर्डर दिया था, जिसकी डिलीवरी 12 दिसंबर को हुई। परिजनों ने मांग की है कि ऐसी कंपनियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए जो आसानी से जहर जैसे जानलेवा पदार्थ घर तक पहुंचा रही हैं। पुलिस अब उस कंपनी और डिलीवरी चेन की जांच कर रही है जिसके माध्यम से यह सल्फास मंगवाया गया था।
