उज्जैन,अग्निपथ। पाटीदार हॉस्पिटल आगजनी कांड में झूलसने से हुई चार मरीजों की मौत के मामले में दो ओर केस दर्ज सोमवार को माधवनगर पुलिस ने दर्ज किए है। मृतक के परिजनों की रिपोर्ट पर दर्ज दोनों मामले पूर्व में दर्ज प्रकरण में जोड़े गए है। प्रकरणों में फिलहाल जमानतीय धाराएं लगी है, लेकिन डीपीओ (जिला लोक अभियोजक अधिकारी )की राय धारा बडऩे की उम्मीद है।
घासमंडी स्थित पाटीदार हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर में 4 अप्रैल को हुई आगजनी में कोविड के चार मरीज झूलस गए थे। घायलों में सावित्रीबाई की 6 अप्रैल को मौत होने पर उनके पुत्र संजय श्रीवास्तव की रिपोर्ट पर पुलिस ने हॉस्पिटल के पांच संचालकों पर लापरवाही का केस दर्ज किया था। बाद में 7अप्रैल को इंदौर के ग्रेटर कैलाश हॉस्पिटल में कन्हैयालाल चौरसिया और 8 अप्रैल को सेवानिवृत प्रिंसीपल नीलबेन पटेल ने दम तोड़ दिया था।
मामले में सोमवार को चौरसिया के पोते परिचय व पटेल के पति मोनाभाई की पर भी केस दर्ज कर पूर्व मामले में जोड़ दिया है। तीनों मौत के मामले में पुलिस ने हॉस्पिटल संचालकों पर धारा 304 में केस दर्ज किया है। जमानती धाराओं में केस दर्ज के विरोध को देखते हुए पुलिस ने डीपीओ राजकुमार नेमा से अभिमत मिलने के बाद धारा बढ़ाने का दावा किया है। याद रहे आगजनी के दौरान हॉस्पिटल में कोरोना के 11 सहित 83 मरीज भर्ती थे।
जूड़ सकता है एक ओर मामला
याद रहे आगजनी में चार मरीज झूलसे थे। सावित्रीबाई, कैन्हैयालाल चौरसिया व नीलाबेन पटेल मामले में केस कायम हो चूके है। जबकि घटना की शिकार गाजीबाई की भी मौत हुई थी। माना जा रहा है कि पीएम रिपोर्ट के बाद पुलिस इस मामले को भी केस में जोड़ेगी।
आगजनी का भी केस
सर्वविदित है घटना के बाद कलेक्टर आशीषसिंह ने चार सदस्यी कमेटी बनाई थी। टीम की रिपोर्ट के बाद कलेक्टर के आदेश पर पुलिस ने हॉस्पिटल संचालकों की लापरवाहीं से आगजनी होने का भी केस दर्ज किया था। दूसरा प्रकरण मरीजों की मौत का है।
इनका कहना है..
आगजनी से हुई दो और मरीजों मौत के मामले में परिजनों की रिपोर्ट पर कायमी की है। इन मामलों को भी पूर्व में दर्ज प्रकरणों में जोड़ लिया है। डीपीओ के अभिमत के बाद धाराएं बड़ सकती है। – मनीष लौधा, टीआई माधवनगर