उज्जैन, अग्निपथ। आगामी सिंहस्थ महापर्व 2028 की तैयारियों को लेकर रेलवे प्रशासन ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। मुंबई में आयोजित 36वीं क्षेत्रीय रेल सलाहकार समिति की बैठक में उज्जैन के रेलवे विकास और यात्री सुविधाओं का मुद्दा प्रमुखता से छाया रहा। पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में समिति सदस्य महेंद्र गादिया और विजय अग्रवाल ने सिंहस्थ के मद्देनजर उज्जैन के लिए एक वृहद कार्ययोजना और नई रेल सुविधाओं के प्रस्ताव रखे।
विकास कार्यों के लिए भारी बजट का प्रावधान
बैठक में जानकारी दी गई कि सिंहस्थ के दौरान उमड़ने वाली संभावित भारी भीड़ को देखते हुए यात्रियों की सुविधाओं के लिए 502 करोड़ रुपये के विकास कार्य पहले ही शुरू किए जा चुके हैं। इसके अतिरिक्त, 93.85 करोड़ रुपये के अन्य पूरक कार्यों का प्रस्ताव भी तैयार किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि इन परियोजनाओं का मुख्य उद्देश्य स्टेशन की क्षमता बढ़ाना और सुरक्षा मानकों को बेहतर करना है।
नई ट्रेनों और विस्तार की मांग
धार्मिक पर्यटन और श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए समिति सदस्यों ने कई नई ट्रेनों की मांग की है। इसमें विशेष रूप से इंदौर-उज्जैन से अयोध्या और उज्जैन से पटना के लिए ‘अमृत भारत’ ट्रेन चलाने का प्रस्ताव दिया गया। साथ ही, उज्जैन होकर हावड़ा के लिए अमृत भारत ट्रेन और मुंबई व दिल्ली के लिए ‘वंदे भारत स्लीपर’ ट्रेन शुरू करने का आग्रह किया गया। अन्य मांगों में उज्जैन से भावनगर के लिए नई ट्रेन, कोटा-नागदा मेमू का रतलाम तक विस्तार और कोटा-चौमहला ट्रेन को उज्जैन तक बढ़ाना शामिल है।
स्टेशन पर हाई-टेक सुविधाएं और क्राउड मैनेजमेंट
सिंहस्थ के दौरान पड़ने वाली भीषण गर्मी और सामान्य से 10 गुना अधिक भीड़ के प्रबंधन के लिए स्टेशन के दोनों ओर वातानुकूलित (AC) वेटिंग हॉल और होल्डिंग एरिया बनाने का सुझाव दिया गया है। बुजुर्गों और दिव्यांगों की सुविधा के लिए प्लेटफॉर्म नंबर 1 से 8 तक लिफ्ट और एस्केलेटर अनिवार्य रूप से लगाने तथा भीड़ नियंत्रण हेतु 4 से 5 नए फुट ओवर ब्रिज बनाने की योजना पर चर्चा हुई।
यात्रियों के लिए अन्य महत्वपूर्ण सुझाव
यात्रियों की सुविधा के लिए अवंतिका एक्सप्रेस का ठहराव प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर सुनिश्चित करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। मुख्य स्टेशन का भार कम करने के उद्देश्य से विक्रम नगर और चिंतामण गणेश जैसे उपनगरीय स्टेशनों का विस्तार कर एक विस्तृत कार्ययोजना बनाने का सुझाव दिया गया है। बैठक का संचालन उप महाप्रबंधक उज्जवल देव ने किया, जिसमें जोनल के सभी वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
