मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने हेतु समीक्षा बैठक आयोजित
उज्जैन, अग्निपथ। जिला स्तर पर मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के उद्देश्य से किए जा रहे कार्यों की समीक्षा बैठक 2 अप्रैल 2026 को आयोजित की गई। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. अशोक कुमार पटेल की अध्यक्षता में यह बैठक जिला मुख्यालय स्थित उनके कार्यालय में संपन्न हुई।
बैठक के दौरान जिले के नागदा क्षेत्र में मातृ मृत्यु दर की समीक्षा की गई। समीक्षा में संबंधित क्षेत्र की कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर (सीएचओ) का रवैया गैर-जिम्मेदाराना पाया गया। इस पर कड़ी नाराजगी जताते हुए डॉ. पटेल ने संबंधित सीएचओ को सेवा से पृथक करने के लिए वरिष्ठ स्तर पर प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त नागदा क्षेत्र में ही एक गर्भवती महिला को समय पर उचित स्थान पर रेफर न करने के मामले में संबंधित चिकित्सक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। वहीं उज्जैन शहरी क्षेत्र के दो वार्डों में कार्यरत महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं (एएनएम) द्वारा लापरवाही बरतने पर उनका 7-7 दिवस का वेतन काटने की कार्रवाई की गई है।
शत-प्रतिशत एएनसी पंजीयन और हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की निगरानी के निर्देश
बैठक में सीएमएचओ ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिले में शत-प्रतिशत एएनसी (ANC) पंजीयन सुनिश्चित किया जाए। प्रत्येक गर्भवती महिला की कम से कम चार एएनसी जांच अनिवार्य रूप से की जाए। साथ ही हाई रिस्क (उच्च जोखिम वाली) गर्भवती महिलाओं का चिन्हांकन कर उनके प्रसव पूर्व पूर्ण प्रबंधन की व्यवस्था की जाए।
अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की सूची स्वास्थ्य केंद्रों पर चस्पा की जाए और उनसे निरंतर समन्वय कर सुरक्षित संस्थागत प्रसव कराया जाए। इसके लिए प्रत्येक मंगलवार और शुक्रवार को एएनसी क्लिनिक में गर्भवती महिलाओं का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। मॉडरेट और सीवियर एनीमिया (खून की कमी) वाली महिलाओं का विशेष प्रबंधन और नियमित फॉलोअप लेने के निर्देश भी दिए गए।
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत मिलेगी निःशुल्क सुविधाएं
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के अंतर्गत प्रति माह 9 और 25 तारीख को आयोजित होने वाले शिविरों में गर्भवती महिलाओं, विशेषकर हाई रिस्क श्रेणी की महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं दी जाएंगी। इन शिविरों में जांच सेवाओं के साथ-साथ निःशुल्क सोनोग्राफी की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।
डॉ. पटेल ने कड़े निर्देश देते हुए कहा कि यदि जिले के किसी भी क्षेत्र में मातृ या शिशु मृत्यु होती है, तो निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार 24 घंटे के भीतर वरिष्ठ स्तर पर जानकारी उपलब्ध कराई जाए और इसकी रिपोर्टिंग के साथ सुधारात्मक कार्रवाई की जाए।
अनावश्यक रेफरल पर रोक और सुरक्षा के निर्देश
बैठक में निर्णय लिया गया कि गर्भवती महिलाओं को केवल अति आवश्यक होने पर ही हायर सेंटर रेफर किया जाए। किसी भी स्थिति में अनावश्यक रेफरल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। रेफर करते समय महिला की पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए उसे 108 एम्बुलेंस वाहन के माध्यम से ही भेजा जाए।
इस महत्वपूर्ण बैठक में सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक डॉ. संगीता पलसानिया, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जितेन्द्र राजपूत, जिला कार्यक्रम प्रबंधक मनीष भद्रावाले, जिला मूल्यांकन एवं अनुश्रवण अधिकारी सुश्री परविंदर बग्गा सहित विभिन्न खंड चिकित्सा अधिकारी और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी उपस्थित रहे।
