आज महाअष्टमी: निरंजनी अखाड़े की नगर पूजा को लेकर संशय

महामारी समाप्त करने को लेकर की जाती है चौबीस खंबा माता की पूजा, पिछली बार भी नहीं हुआ था आयोजन

उज्जैन। प्रतिवर्ष चार नवरात्रि पड़ती हैं। जिसमें चैत्र और शारदीय नवरात्रि का विशेष महत्व है और इनको बड़ा भी माना जाता है। हर बार शारदीय नवरात्रि की अष्टमी को कलेक्टर द्वारा पूजन किया जाता है और हाल ही में दो वर्षों से निरंजनी अखाड़ा के श्रीमहंत द्वारा चैत्र महा अष्टमी पर महामारी की समाप्ति के लिए पूजन किया जाता रहा है। लेकिन इस बार जिला प्रशासन द्वारा कोरोना के चलते हरी झंडी नहीं दिए जाने से नगर पूजा पर संशय के बादल मंडरा रहे हैं।

चैत्र मास की नवरात्रि का आरंभ 13 अप्रैल से हुआ है। मंगलवार को आज महाअष्टमी है। दो साल पहले चैत्र मास में नगर पूजा का आयोजन निरंजनी अखाड़ा के महंत रविंद्रपुरी महाराज द्वारा शुरू किया गया था। पिछले साल कोरोना के कारण यह नगर पूजा स्थगित करनी पड़ी थी। इस बार भी इसके आयोजन पर संशय बना हुआ है।
उल्लेखनीय है कि शारदीय नवरात्रि में उज्जैन में महाष्टमी पर नगर पूजा की परंपरा विक्रमादित्य सम्राट के शासनकाल से चली आ रही है।

वर्ष- 2018 में निरंजनी अखाड़ा के सचिव और श्रीमहंत रविन्द्रपुरी महाराज ने चैत्र मास की अष्टमी पर नगर पूजा की परंपरा शुरू की थी। उस दौरान श्रीमहंत रविन्द्रपुरी महाराज ने चौबीस खंबा माता मंदिर पर पूजा प्रारंभ की थी। इस दौरान विधि अनुसार माता को शराब चढ़ाई गई थी और यह शहर के सभी 40 मंदिरों तक पहुंची थी।

12 घंटे में 26 किमी की यात्रा कर 40 मंदिरों में पूजा

यात्रा में विधि अनुसार शहर के गणमान्य लोग भी शामिल हुए थे। ढोल एवं नगाड़ों के बीच नगर पूजा की शुरुआत हुई थी। यह नगर पूजा चौबीस खंबा माता मंदिर से आरंभ होकर हरसिद्धि, गढक़ालिका, नगरकोट, भूखी माता, बिजासन माता मंदिर सहित 40 मंदिरों में शाम तक जारी रही थी। इसके समापन अंकपात स्थित हांडीफोड़ भैरव मंदिर पर संपन्न हुआ था। कुल 26 किलोमीटर की यात्रा है और 12 घंटे तक यह पूजा चलती है। इसके बाद वर्ष- 2019 में भी नगर पूजा का आयोजन हुआ था। लेकिन गत वर्ष कोरोना महामारी के कारण यह आयोजन टल गया था। आज भी नगर पूजा के आयोजन के टलने की पूरी संभावना बनी हुई है।

घर-घर पूजी जाएंगी मां गौरी

पं. नारायण शास्त्री ने बताया कि चैत्र मास की अष्टमी पर आज महागौरी की पूजा घर-घर की जाएगी। उत्तम स्वास्थ्य और सुख समृद्धि के लिए माता की पूजा की जाती है। घरों में छोटी कन्याओं को भोजन कराया जाकर उनको दानदक्षिणा प्रदान की जाएगी और उनके पैर पूजे जाएंगे। हालांकि इस बार मंदिरों में यह कन्या पूजन के आयोजन कोरोना महामारी के चलते नहीं हो पाएंगे। लेकिन माता मंदिरों में आज विशेष पूजन आरती का आयोजन होगा। शहर के हरसिद्धि मंदिर, गढक़ालिका मंदिर, नगरकोट, चौबीस खंबा माता, चामुंडा माता मंदिर सहित अन्य माता मंदिरों में उल्लास का वातावरण रहेगा। दूसरे दिन बुधवार को रामनवमी पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। इस दिन भगवान राम की पूजा अर्चना की जाएगी।

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