एसडीएम ने जिसे सिंहस्थ की जमीन माना वहीं खुली कलाली

देशी शराब दुकान के खिलाफ विधायक भी हुए मुखर, अधिकारियों से कहा रोड बनाओ

उज्जैन, अग्निपथ। सेंटपॉल स्कूल रोड पर दो दिन पहले खुली देशी शराब की दुकान के मामले में विधायक पारस जैन भी मुखर हो गए है। उन्होंने कलेक्टर आशीषसिंह और नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल से बात कर कलाली को अन्य कहीं शिफ्ट करने और मौके पर सडक़ निर्माण की प्रक्रिया शुरू करने को कहा है।

खास बात यह है कि जिस जगह शराब की दुकान खुली है, उस सर्वे नंबर की जमींन को एसडीएम भी सिंहस्थ उपयोग की जमींन घोषित कर चुके है।

देशी शराब की दुकान वाली जमींन का सर्वे नंबर 1535/1/2 है। इस जमींन का कुल रकबा 0.1000 हेक्टेयर है। राजस्व रिकार्ड में यह जमींन अब भी सुनील कुमार, पुरूषोत्तम और परिवार की दो महिलाओं के नाम से दर्ज है। राजस्व रिकार्ड में मालिक भले ही ये लोग है लेकिन वास्तव में जमींन का स्वामित्व दूसरे परिवार के पास है।

राजस्व रिकार्ड में पहले कभी हेरफेर कर इस जमींन को सिंहस्थ मुक्त करा लिया गया था। बाद में मामला एसडीएम कोर्ट में पहुंचा और 14 फरवरी 2020 को एसडीएम उज्जैन नगर के न्यायालय से जमींन को फिर से सिंहस्थ क्षेत्र घोषित करने का निर्णय पारित किया गया। एसडीएम के निर्देश पर 26 फरवरी 2020 को पटवारी ने इस जमींन को राजस्व रिकार्ड में भी सिंहस्थ भूमी के रूप में दोबारा दर्ज किया।

विधायक बोले- ये बहुत गलत किया

देशी शराब की दुकान गायत्री नगर में प्रस्तावित रोड़ वाली जमींन पर खोले जाने के मामले में विधायक पारस जैन ने कलेक्टर व नगर निगम आयुक्त के सामने आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों ने ये बहुत गलत किया है। नजदीक ही माता मंदिर भी है, वैसे भी यह नियम विरूद्ध है।

श्री जैन ने कहा कि इस जगह पर प्रस्तावित रोड़ के निर्माण के लिए कार्ययोजना भी बनाई जा चुकी है। मैं खुद, कलेक्टर और नगर निगम आयुक्त के साथ प्रस्तावित स्थल का निरीक्षण कर चुका हूं। सारे अधिकारियों को इसकी जानकारी है, बावजूद इसके शराब दुकान कैसे खुल गई, यह आश्चर्य का विषय है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

खबरों के उस पार: बंगाल ले डूबा विजयवर्गीय को..!

Tue Jun 15 , 2021
एक सप्ताह पहले शिवराज सरकार के बदले जाने की खबरें पूरे प्रदेश में तेजी से घूम रही थी। यह खबरें भोपाल के वल्लभ भवन से निकली थीं। इस खबर को बल जब मिला था तब कद्दावर नेता नरोत्तम मिश्रा और कैलाश विजयवर्गीय ने लंबी चर्चा की थी। किंतु बंगाल मेें […]