फर्जी नक्शों पर तने मकान, निगम वाले बने अनजान

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नक्शों पर जिनके साईन उन्हें तक भनक नहीं, बिना नाली-सडक़ बैंक लोन भी

उज्जैन। कानीपुरा रोड़ की गायत्री नगर ए सेक्टर कॉलोनी में एक और बहुत बड़ी गढ़बढ़ी सामने आई है। इस कॉलोनी में बन रहे मकानों के लिए नगरनिगम के फर्जी नक्शों का इस्तेमाल किया गया है। इन फर्जी नक्शों पर बकायदा नगर निगम के अधिकारियों के डिजिटल हस्ताक्षर तक मौजूद है। खास बात यह है कि जिस फार्मेट में मकान निर्माण की अनुमति जारी की गई है, वह फार्मेट 2020 के पहले ही बंद हो चुका है।

दैनिक अग्निपथ ने रविवार 20 जून के अंक में ही गायत्री नगर ए सेक्टर में अवैध रूप से मकानों के निर्माण की जानकारी सार्वजनिक की थी। भारत गृह निर्माण सोसायटी द्वारा बनाई गई इस कॉलोनी में सडक़, नाली, बिजली जैसी मूलभूत सुविधाएं तक नहीं है, बावजूद इसके बावजूद यहां धड़ल्ले से मकान बनाए जा रहे है। इसी गायत्री नगर ए सेक्टर में फर्जी नक्शों के आधार पर बैंक लोन लिए जाने और मकानों का निर्माण होने का भी खेल उजागर हुआ है।

जिन नक्शों और भवन अनुज्ञा के आधार पर बैंक लोन हुआ, उन्हें खुद नगर निगम के ही अधिकारी फर्जी करार दे रहे है। बड़ी बात यह है कि पिछले लगभग 6 महीनों से यह खेल जारी है और नगर निगम के संबंधित जोन के अधिकारी गहरी नींद में सोए हुए है। अमूमन यदि कोई आम नागरिक अपने ओटले पर भी छोटा सा निर्माण कर ले तो नगर निगम के ओवरसियर, भवन निरीक्षक मौके पर पहुंचकर पचास तरह की पड़ताल करने में जुट जाते है लेकिन गायत्री नगर ए सेक्टर में फर्जी नक्शे के आधार पर बिना सडक़, नाली बने ही मकान बन जाते है, बैंक लोन स्वीकृत हो जाते है और नगर निगम के जिम्मेदार मौके पर पहुंचते तक नहीं।

जिस नक्शे के फर्जी होने की आशंका है उन पर जिन नगर निगम अधिकारियों के डिजिटल सिग्नेचर है, उन्हें तक इसकी जानकारी नहीं है।

जानिए फर्जी नक्शे का खेल

  • दैनिक अग्निपथ के पास गायत्री नगर आगर रोड़ के नाम से जारी प्लॉट नंबर एल-46 की एक भवन अनुज्ञा की प्रति है। इस पर आवेदन पत्र क्रमांक यूएमसी/1362/2020/जेड5/डब्ल्यू 40 नंबर चढ़ा हुआ है। भवन अनुज्ञा की तारीख 25 जनवरी 2020 है। इस पर नगर निगम के कार्यपालन यंत्री (प्रभारी अधीक्षण यंत्री रामबाबू शर्मा और बिल्डिंग इंस्पेक्टर गोपाल बोयत के डिजिटल हस्ताक्षर है। संभव है कि इन दोनों ही अधिकारियों के डिजिटल हस्ताक्षर का दुरूपयोग किया गया है।
  • नगर निगम की बिल्डिंग परमिशन वाली साईट पर इसी आवेदन नंबर यूजेजे/0203/1362/2020 पर अंजुश्री कंस्ट्रक्शन कंपनी के नाम से भगवति प्रसाद मोढ़ के नाम पर भवन अनुज्ञा जारी होने की जानकारी दर्ज है। यह भवन अनुज्ञा 3 नवंबर 2020 को वल्लभ नगर एक्सटेंशन के लिए जारी हुई है।
  • एक ही 1362 नंबर आवेदन क्रमांक पर दो भवन अनुज्ञा होना ही यह दर्शाता है कि इनमें से एक फर्जी है। जाहिर है वल्लभ नगर एक्सटेंशन वाली जो भवन अनुज्ञा नगर निगम की साईट पर दर्ज है, वह ज्यादा अधिकृत है। गायत्री नगर ए सेक्टर वाली 1362 नंबर की भवन अनुज्ञा की जानकारी साईट पर कहीं मौजूद नहीं है।
  • गायत्री नगर की इसी फर्जी भवन अनुज्ञा के आधार पर नर्मदा-झाबुआ ग्रामीण विकास बैंक से लोन भी स्वीकृत हुआ और मकान का निर्माण भी शुरू हो गया।

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