बेगमबाग में दूसरे दिन 10 मकानों पर प्रहार

विवाद की आशंका में लगाई अतिरिक्त फोर्स

उज्जैन, अग्निपथ। महाकालेश्वर मंदिर परिसर के विस्तार के लिए बेगमबाग क्षेत्र की घाटी पर बने मकानों को हटाने का काम लगातार दूसरे दिन भी जारी रहा। दूसरे दिन नगर निगम की टीम ने 10 से ज्यादा मकानों को हटाने की कार्रवाई की है। किसी तरह के विवाद से निपटने के लिए यहां अतिरिक्त सुरक्षाबल भी तैनात कर दिया गया था।

मंदिर क्षेत्र विस्तार के लिए 147 मकानों में रहने वाले 250 परिवारों को विस्थापित किया जाना है। जिन परिवारों ने 3-3 लाख रूपए अनुग्रह राशि लेकर मकान खाली कर दिए, उनके मकानों को नगर निगम की टीम ने तोड़ दिया। यहां काफी संख्या में ऐसे भी लोग है जो न तो रूपए लेना चाहते है और न ही जमींन छोडऩे को तैयार है।

प्रशासन का दावा है कि क्षेत्र में निवास करने वाले ज्यादातर परिवार जमींन छोडऩे के लिए पहले ही स्वीकृति दे चुके है। फिलहाल 37 परिवारों को 3-3 लाख रूपए अनुग्रह राशि दी गई है, शेष लोगों से उनके दस्तावेज और बैंक डिटेल मांगी गई है। शनिवार को बेगमबाग क्षेत्र में कार्रवाई के दौरान एडीएम नरेंद्र सूर्यवंशी, एएसपी शहर अमरेंद्र सिंह सहित पुलिस और प्रशासन के तमाम अधिकारी दिनभर डटे रहे।

आरोप- इंदिरा आवास के रुपए बताकर ली मंजूरी

रहवासी क्षेत्र के नागरिकों की समिति के प्रमुख मोहम्मद शाकिर के मुताबिक जिला प्रशासन द्वारा भेजी गई निजी सर्वे एजेंसी के कर्मचारियों ने यहां रहने वाले परिवारों को बताया था कि प्रशासन इंदिरा आवास योजना के तहत 3-3 लाख रूपए देगा। यहीं लालच देकर बैंक खातों और परिवारों की डिटेल ली गई थी।

एक प्रेस कांफ्रेस में मोहम्मद शाकिर और अन्य रहवासियों ने कहा कि जो जगह खाली कराई जा रही है वह वक्फ की संपत्ति है। हालांकि इसका कोई ठोस साक्ष्य ये लोग नहीं दे सके। मोहम्मद शाकिर और उनके साथियों ने कहा कि प्रशासन को यदि मकान खाली ही कराना है तो पुर्नवास की प्रक्रिया को कानून सम्मत पूर्ण किया जाए।

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