पोलायकलां, अग्निपथ। सुंदरसी रोड स्थित इंडियन पेट्रोल पंप पर रविवार की सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब पंप के संचालक धर्मेंद्र बामनिया (35 वर्ष) का शव उनके ही कक्ष में फंदे से लटका हुआ पाया गया। अज्ञात कारणों के चलते उठाए गए इस आत्मघाती कदम ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुँचा, लेकिन परिजनों ने जांच को लेकर मोर्चा खोल दिया।
सुबह कर्मचारी ने देखा हृदयविदारक दृश्य
चौकी प्रभारी रामेश्वर पटेल से प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक धर्मेंद्र पिता गंगाराम बामनिया मूल रूप से ग्राम खड़ी के निवासी थे और पोलायकलां में पेट्रोल पंप का संचालन करते थे। रविवार सुबह जब पंप कर्मचारी सत्यनारायण मालवीय ने धर्मेंद्र के कमरे का दरवाजा खटखटाया और कोई जवाब नहीं मिला, तो उसने खिड़की की तरफ से झाँककर देखा। अंदर धर्मेंद्र का शव पंखे के सहारे रस्सी से लटका हुआ था। आनन-फानन में इसकी सूचना पुलिस और परिजनों को दी गई। एसआई उमेद खान और पुलिस टीम ने मौके पर पहुँचकर स्थिति का जायजा लिया।
सीसीटीवी फुटेज की मांग पर अड़े परिजन
घटनास्थल पर पहुँचे परिजनों ने शव को फंदे से उतारने और पोस्टमार्टम कराने से साफ इनकार कर दिया। परिजनों का आरोप था कि स्थिति संदेहास्पद हो सकती है, इसलिए वे पहले पेट्रोल पंप के सीसीटीवी फुटेज चेक करना चाहते थे। काफी देर तक चले हंगामे और पुलिस द्वारा दी गई समझाइश के बाद, जब परिजनों ने फुटेज देख लिए, तब कहीं जाकर शव को पोस्टमार्टम के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा जा सका।
बिना सुसाइड नोट के उलझी गुत्थी
पुलिस को तलाशी के दौरान कमरे से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है, जिससे आत्महत्या के कारणों पर रहस्य बरकरार है। धर्मेंद्र अपने पीछे पत्नी और दो मासूम बच्चों को छोड़ गए हैं, जिनका रो-रोकर बुरा हाल है। पोस्टमार्टम के उपरांत शव परिजनों को सौंप दिया गया, जिसका ग्राम खड़ी में गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया।
“इंडियन पेट्रोल पंप संचालक द्वारा फांसी लगाने की घटना सामने आने के बाद मर्ग कायम कर लिया गया है। शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया गया है। फिलहाल मामले की सूक्ष्मता से जांच की जा रही है, जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके आधार पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।” — रामेश्वर पटेल, चौकी प्रभारी, पोलायकलां
