उज्जैन, अग्निपथ। मध्य प्रदेश के अपर मुख्य सचिव राजेश राजौरा और संभाग आयुक्त आशीष सिंह ने रविवार को सिंहस्थ 2028 के दृष्टिगत शहर में चल रहे विभिन्न निर्माण कार्यों का मौके पर जाकर निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कार्यों की तेज प्रगति और गुणवत्ता को देखकर एसीएस राजौरा ने संभाग आयुक्त आशीष सिंह और कलेक्टर रोशन कुमार सिंह के प्रयासों की सराहना करते हुए उनकी पीठ थपथपाई। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्य गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय सीमा में पूर्ण किए जाएं।
शिप्रा तट पर नवीन घाटों का निरीक्षण
अपर मुख्य सचिव राजौरा ने सिंहस्थ कार्यों की समीक्षा बैठक के उपरांत निर्माण स्थलों का दौरा शुरू किया। उन्होंने सबसे पहले अंगारेश्वर मंदिर के समीप शिप्रा नदी पर बन रहे नवीन घाटों का निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ एडीजीपी राकेश गुप्ता, डीआईजी नवनीत भसीन एवं एसपी प्रदीप शर्मा भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने घाटों के विस्तार और वहां आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर विस्तृत चर्चा की।
फोरलेन मार्ग और भूखी माता ब्रिज की प्रगति
इसके पश्चात अपर मुख्य सचिव ने कार्तिक मेला ग्राउंड से नईखेड़ी सिंहस्थ बायपास तक बन रहे 2.6 किलोमीटर लंबे फोरलेन मार्ग का निरीक्षण किया। उन्होंने भूखी माता ब्रिज के निर्माण कार्य का भी जायजा लिया और सामग्री की उपलब्धता व कार्य की गुणवत्ता के संबंध में जानकारी ली। सेतु निगम के ईई पंत ने इस दौरान अवगत कराया कि ब्रिज का निर्माण दिसंबर 2026 तक पूर्ण कर लिया जाएगा। वहीं, यूडीए सीईओ संदीप सोनी ने जानकारी दी कि ब्रिज के साथ ही कनेक्टिविटी रोड का कार्य भी जनवरी 2027 तक पूरा हो जाएगा।
चौराहों का होगा व्यवस्थित सौंदर्यीकरण
एसीएस राजौरा ने गेल चौराहे से शांति नगर के बीच चल रहे सड़क चौड़ीकरण कार्य का भी निरीक्षण किया और कार्य की गति पर संतोष जाहिर किया। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में यही गति बनाए रखनी है ताकि सभी प्रोजेक्ट समय से पहले पूरे हो सकें और भविष्य में किसी भी आकस्मिक चुनौती के लिए विकल्प मौजूद रहे। संभाग आयुक्त आशीष सिंह ने बताया कि सड़क चौड़ीकरण के साथ-साथ शहर के सभी प्रमुख चौराहों को भी व्यवस्थित और सुंदर बनाया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर रोशन कुमार सिंह, यूडीए सीईओ संदीप सोनी, अपर आयुक्त नगर निगम संतोष टैगोर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
