कानड़, अग्निपथ। क्षेत्र के किसानों को अपनी फसलों के लिए पचेटी बांध से पिछले एक माह से पानी नहीं मिल रहा है। इस कारण फसलें सूखने की कगार पर आ गई हैं। किसान चिंता जता रहे हैं और संबंधित विभाग के कर्मचारियों की गतिविधियों से आक्रोशित हैं।
दरअसल, कानड़ क्षेत्र में आगर जिले के पचेटी बांध से हर वर्ष नहर से सिंचाई के लिए पानी दिया जाता है। इस साल भी नहर चालू की गई हैं। अधिकारी द्वारा अलग-अलग क्षेत्र में पानी के दिन मुकर्रर कर दिए थे। सभी क्षेत्र में अलग-अलग दिन से नहर चलती थीं। परंतु कर्मचारी की मिलीभगत के कारण कुछ क्षेत्रों को छोडक़र कई इलाकों में किसानों को पानी दिया जा रहा है। इस प्रकार कानड़ क्षेत्र के शिव पहाड़ी से होती हुई सारंगपुर रोड क्रॉस कर शिवगढ़ पहाड़ी किनारे होते हुए तनछा क्षेत्र एवं बाईगांव के किसानों के खेतों पर पानी मिलता था। परंतु एक माह से ऊपर बीत गया किसानों की फसल सूखने जा रही है।
इस बारे में अधिकारियों को अवगत कराने के बाद भी उनके कान पर जूं तक नहीं रेंग रही है। एक माह से इस इलाके में नहर से पानी नहीं आने के कारण गेहूं की फसलें सूखने लगी हैं। कर्मचारी करीबन 8 दिन से किसानों को बरगलाते हुए नहरों से पानी कल या परसों आ जाऐगा का आश्वासन दे रहे हैं। दो दिन पहले से केवल रोड पार नहर चालू कर देते हैं पानी किसानों को दिखा देते हैं। तब किसान रात भर नहर पर अपने विस्तार लगाकर इंतजार करते हैं पानी का। लेकिन कर्मचारी सुबह फिर पानी बंद कर देते हैं। इस प्रकार का खेल कर्मचारी खेल रहे हैं।
एसडीओ से की चर्चा
इस संबंध में जिला कांग्रेस कमेटी अनुसूचित जाति विभाग के पूर्व अध्यक्ष गौरीशंकर सूर्यवंशी द्वारा सिंचाई विभाग के एसडीओ से चर्चा की गई। उन्हें किसानों की समस्या से अवगत कराया है। एसडीओ ने वादा किया है कि शाम तक आपको नहर का पानी मिल जाएगा। उसके थोड़ी देर बाद ही फिर से नहर बंद कर दी गई।
इससे साफ जाहिर होता है अधिकारी कर्मचारी की मिलीभगत से अपनी जेब गर्म कर अपने चहेतों को पानी उपलब्ध कर पहाड़ी क्षेत्र से निकलती हुई जमीन को बंजर बनाने में अधिकारी कर्मचारी लगे हैं। सूर्यवंशी ने बताया कि पानी न मिलने से गेहूं सूखे जा रहे हैं और किसान परेशान हैं। इस बारे में अपर कलेक्टर रवि सिंह को भी अवगत कराया है। यदि फिर भी समस्या हल नहीं होती है तो आंदोलन किया जाएगा।

