35 हजार श्रद्धालुओं ने किए महाकाल दर्शन, तीन दिन तक रहेगी भीड़

उज्जैन। श्री महाकालेश्वर मंदिर में इस बार अवकाश के चलते लगातार 3 दिन तक श्रद्धालु बड़ी संख्या में मंदिर में उमड़ेंगे। रविवार को भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन को उमड़े। जिनकी संख्या 35 हजार के लगभग रही। दर्शन अनुमति हर रविवार की तरह इस बार भी दोपहर में ही फुल हो गई थी।

महाकालेश्वर मंदिर में शनिवार, रविवार और सोमवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान महाकाल के दर्शन को आ रहे हैं। लॉकडाउन खुलने के बाद मंदिर में निरंतर श्रद्धालुओं की संख्या में इजाफा हो रहा है। देश के दूसरे कोनों से लेकर उज्जैन शहर के लोग भी भगवान महाकाल की एक झलक पाने के लिए मंदिर का रुख कर रहे हैं। इस बार शंख द्वार सहित वीआईपी गेट पर भी श्रद्धालुओं का भारी जमावड़ा देखा गया। श्रद्धालु मंदिर प्रांगण में भी बड़ी संख्या में खड़े होकर सेल्फी लेते हुए दिखाई दिए। शाम तक श्रद्धालुओं का इसी प्रकार का तांता लगा हुआ दिखाई दिया। रात तक अनुमानित आंकड़ों के हिसाब से 35 हजार के लगभग श्रद्धालु भगवान महाकाल के दरबार में मत्था टेक चुके थे।

नंदीहाल में रही भीड़

रविवार सुबह से ही प्रोटोकॉल प्राप्त वीआईपी श्रद्धालुओं का आगमन नंदीहाल में लगातार बना रहा। नगाड़ा गेट पर श्रद्धालुओं की भीड़ दरवाजा खुलने का इंतजार करती दिखाई दी। नंदीहाल से दर्शन के उपरांत श्रद्धालुओं को सीधे बाहर निकाला जा रहा था। नंदीहाल से गर्भगृह की दहलीज तक किसी को भी जाने नहीं दिया जा रहा था। पुरोहित अपने यजमान को निर्धारित 2 पर्ची से दर्शन करवाते रहे। दर्शन के उपरांत पर्ची को फाडक़र पुलिस कर्मियों द्वारा अपने पास रखा जा रहा था। ताकि इन का पुन: उपयोग न हो सके।

लड्डू प्रसाद के लिए लंबी कतार

हर बार की तरह इस बार भी श्रद्धालुओं को लड्डू प्रसाद लेने के लिए लंबी कतार में लगना पड़ रहा था। मंदिर प्रांगण स्थित 2 और 4 नंबर काउंटर पर श्रद्धालुओं की लंबी भीड़ प्रसाद के लिए लगी हुई दिखाई दी। ऐसे श्रद्धालु जिनके पास खुल्ले पैसे नहीं थे। उनको वापस लौटाया जा रहा था। लड्डू शीघ्र समाप्त हो रहे थे और इनके सप्लाई भी लगातार की जाती रही।

12 बजे अनुमति हुई फुल

मंदिर में जब भी श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है तो मंदिर प्रबंध समिति द्वारा निर्धारित ऑनलाइन दर्शन अनुमति दोपहर में ही समाप्त हो जाती है। इस रविवार को भी दोपहर 12 बजे के लगभग 28000 सीटें फुल हो चुकी थीं। इसके बाद 250 रुपए का टिकट खरीद कर और प्रोटोकॉल से श्रद्धालुओं के दर्शन का सिलसिला लगातार चलता रहा। इस तरह से रात तक लगभग 35000 श्रद्धालु भगवान महाकाल के दर्शन कर चुके थे।

26 जनवरी तक चलेगा सिलसिला

महाकालेश्वर मंदिर में प्रति सप्ताह शनिवार, रविवार और सोमवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। सोमवार भगवान महाकाल का दिन होने से इस दिन भी भीड़ का सैलाब उमड़ता है। मंगलवार को 26 जनवरी गणतंत्र दिवस है और इस दिन शासकीय अवकाश रहता है। इसलिए 2 दिन और श्रद्धालु भगवान महाकाल के दर्शन के लिए मंदिर में बड़ी संख्या में आएंगे।

800 मॉस्क, 1600 थैलियां बांटी

महाकाल के प्रति श्रद्धालुओं की दीवानगी इतनी अधिक है कि किसी भी तरह से उनके दरबार में अपनी श्रद्धा प्रकट करने के लिए सेवाभाव दिखाते रहते हैं। श्रद्धालु आकाश प्रजापति ने कोरोना संक्रमण को देखते हुए मंदिर कर्मचारियों को 800 मॉस्क और जूता रखने के लिए 1600 थैलियां मंदिर को दान कीं। सहायक प्रशासक मूलचंद जूनवाल और प्रतीक द्विवेदी इस दौरान मौजूद रहे।

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