सीहोर, अग्निपथ। भेरूंदा थाना क्षेत्र में सामूहिक दुष्कर्म की झूठी कहानी के पीछे छिपा शर्मनाक सच पुलिस ने उजागर कर दिया है। 4 फरवरी 2026 को युवती के साथ हुए कथित अपहरण और गैंगरेप के मामले में पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि पीड़िता के नाबालिग मामा ने ही डरा-धमकाकर उसके साथ गलत काम किया था और पकड़े जाने के डर से अपहरण की झूठी साजिश रची थी। पुलिस ने बाल अपचारी को हिरासत में लेकर किशोर न्यायालय पेश कर दिया है।
अपहरण और गैंगरेप की रची गई थी कहानी
फरियादिया ने शुरुआत में पुलिस को रिपोर्ट दी थी कि वह लकड़ी लेने गई थी, तभी दो अज्ञात युवकों ने बाइक पर उसका अपहरण किया और खेत में ले जाकर सामूहिक दुष्कर्म किया। मामले की गंभीरता देखते हुए पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार शुक्ला ने तत्काल टीमें गठित कीं। विवेचना के दौरान जब महिला पुलिस अधिकारियों ने पीड़िता से सुरक्षित वातावरण में गहन पूछताछ की, तो बयानों में विरोधाभास नजर आया। अंततः पीड़िता ने टूटकर सच बता दिया।
मामा ने ही किया था रिश्तों को शर्मसार
जांच में सामने आया कि 4 फरवरी को जब परिवार और मामा अलग-अलग अपने घर जाने वाले थे, तब नाबालिग मामा ने पीड़िता को मिलने के लिए मनाया और डरा-धमकाकर दुष्कर्म किया। रात अधिक होने पर जब परिजन पीड़िता को ढूंढने लगे, तो पकड़े जाने के खौफ में मामा (बाल अपचारी) ने ही बालिका को दो अज्ञात व्यक्तियों द्वारा अपहरण और दुष्कर्म की झूठी कहानी सुनाने के लिए मजबूर किया था।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई और गिरफ्तारी
सच्चाई सामने आते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़िता के नाबालिग मामा को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने न केवल इस घटना को, बल्कि पूर्व में भी दुष्कर्म करना स्वीकार किया। पुलिस ने अब मामले से सामूहिक बलात्कार की धारा को हटाकर सुसंगत धाराओं के तहत अग्रिम कार्रवाई शुरू कर दी है।
इनकी रही सराहनीय भूमिका
इस संवेदनशील मामले का पर्दाफाश करने में एसडीओपी रोशन कुमार जैन, निरीक्षक घनश्याम दांगी, उनि पूजा सिंह राजपूत, उनि लोकेश सोलंकी सहित थाना स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
