उज्जैन, अग्निपथ। भगवान सूर्यनारायण के उत्तरायण होने के साथ ही मालवा अंचल में मौसम के मिजाज तेजी से बदलने लगे हैं। फरवरी माह की शुरुआत में ही गर्मी ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है, जहाँ दिन का अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के आंकड़े को छू चुका है। हालांकि मौसम विभाग का अनुमान है कि हिमालयी क्षेत्र में सक्रिय हो रहे नए वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के कारण फरवरी के अंत तक ठंड के एक-दो हल्के झटके अभी और लग सकते हैं।
एक सप्ताह में 4 डिग्री चढ़ा पारा
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, पिछले एक सप्ताह में तापमान में जबरदस्त उछाल देखा गया है। बीती 3 फरवरी को शहर का अधिकतम तापमान 26.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था, जो सोमवार तक 4 डिग्री बढ़कर 30 डिग्री पर पहुँच गया। उत्तर से आने वाली ठंडी हवाओं के रुकने और तेज धूप के कारण अब दिन में चुभन महसूस होने लगी है। आलम यह है कि शहरवासियों ने गर्मी से राहत पाने के लिए पंखों और कूलरों की साफ-सफाई और मरम्मत का काम शुरू कर दिया है।
पश्चिमी विक्षोभ का दिखेगा असर
9 फरवरी से पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय हो गया है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि इसका प्रभाव आने वाले दिनों में देखने को मिल सकता है। इससे पहले 6-7 फरवरी को भी एक विक्षोभ सक्रिय हुआ था, लेकिन वह कमजोर होने के कारण बादलों का जमावड़ा नहीं कर पाया, जिससे गर्मी बढ़ती गई। वर्तमान में रात का तापमान भी उछलकर 12.4 डिग्री सेल्सियस पर पहुँच गया है।
फरवरी के अंत तक ‘ठंडी-गर्मी’ का घालमेल
मौसम विभाग की मानें तो फरवरी का शेष समय संधिकाल जैसा रहेगा। जहाँ दिन में तापमान ऊँचा रहेगा, वहीं रात के समय हल्की ठंड बरकरार रह सकती है। विभाग ने संभावना जताई है कि आगामी विक्षोभों के चलते महीने के अंत तक तापमान में आंशिक गिरावट आ सकती है, जो सर्दी की विदाई का आखिरी संकेत होगा।
