यात्री सुविधाओं का अभाव
उज्जैन, अग्निपथ। उज्जैन रेलवे स्टेशन पर मंगलवार (10 February 2026) से प्लेटफॉर्मों के निर्धारण में बड़ा बदलाव लागू हो गया है, जिसका सीधा असर माधवनगर रेलवे स्टेशन (फ्रीगंज साइड) पर देखने को मिलेगा। यार्ड रिमॉडलिंग के बाद अब प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर दबाव कम करने के लिए अवंतिका एक्सप्रेस और बरेली-इंदौर जैसी 9 प्रमुख ट्रेनों का परिचालन प्लेटफॉर्म नंबर 8 से शुरू किया गया है। हालांकि, इस बदलाव के साथ ही यात्रियों की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं, क्योंकि प्लेटफॉर्म 8 पर फिलहाल न तो पीने के पानी की व्यवस्था है और न ही प्रतीक्षालय में बैठने के लिए पर्याप्त कुर्सियां।
फ्रीगंज साइड की बढ़ेगी उपयोगिता, देवासगेट पर घटेगा दबाव
अभी तक अधिकांश सुपरफास्ट और लंबी दूरी की ट्रेनें प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर आती थीं, जो मुख्य स्टेशन का हिस्सा होने के कारण हमेशा भीड़भाड़ से भरा रहता था। वर्ष 1992 में फ्रीगंज की ओर तैयार किए गए माधवनगर स्टेशन का उपयोग अब तक नगण्य था क्योंकि प्लेटफॉर्म 7 और 8 मुख्य लाइनों से कनेक्ट नहीं थे। अब रिमॉडलिंग के बाद ये दोनों प्लेटफॉर्म जुड़ गए हैं। इस बदलाव से पुराने शहर के देवासगेट क्षेत्र में ट्रैफिक का दबाव कम होगा और सिंहस्थ से पहले क्राउड मैनेजमेंट (भीड़ नियंत्रण) में बड़ी मदद मिलेगी।
इन प्रमुख ट्रेनों के प्लेटफॉर्म बदले
रेलवे द्वारा जारी सूची के अनुसार कई महत्वपूर्ण ट्रेनों के प्लेटफॉर्म आज से बदल दिए गए हैं:
अवंतिका सुपरफास्ट एक्सप्रेस: प्लेटफॉर्म 1 की जगह अब 8 पर आएगी।
इंदौर-ऊना हिमाचल एक्सप्रेस: प्लेटफॉर्म 6 की जगह अब 8 पर आएगी।
बरेली-इंदौर एक्सप्रेस: प्लेटफॉर्म 4 की जगह अब 8 पर आएगी।
इंदौर-असारवा एक्सप्रेस: प्लेटफॉर्म 1 की जगह अब 8 पर आएगी।
चित्तौड़गढ़-उज्जैन मेमू: प्लेटफॉर्म 2 की जगह अब 8 पर आएगी।
इंदौर-प्रयागराज एक्सप्रेस: प्लेटफॉर्म 6 की जगह अब 5 पर आएगी।
ग्वालियर-दौंड सुपरफास्ट: प्लेटफॉर्म 6 की जगह अब 5 पर आएगी।
वाराणसी-इंदौर एक्सप्रेस: प्लेटफॉर्म 6 की जगह अब 4 पर आएगी।
उज्जैन-इंदौर मेमू: प्लेटफॉर्म 5 की जगह अब 8 पर आएगी।
प्रशासन का पक्ष
“एक बार इस प्लेटफॉर्म पर ट्रेनों का सुचारू संचालन शुरू हो जाए, तो यात्रियों के लिए पेयजल और बैठने की अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं भी जल्द ही जुटा ली जाएंगी।” — मुकेश कुमार, जनसंपर्क अधिकारी (PRO), रतलाम मंडल
