धार, अग्निपथ। धार शहर के न्यू आरटीओ ऑफिस स्थित थोक सब्जी मण्डी में बुधवार सुबह बदमाशों ने जमकर उत्पात मचाया और व्यापारियों तथा किसानों पर धारदार हथियारों से जानलेवा हमला कर दिया। यह सनसनीखेज घटना सुबह करीब 8 बजे की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार आरोपी लंबे समय से मण्डी में चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहे थे और जब बुधवार को उन्हें रोकने की कोशिश की गई, तो उन्होंने खूनी संघर्ष शुरू कर दिया। थोक सब्जी मण्डी में हुए इस हिंसक हमले से व्यापारियों में भारी आक्रोश व्याप्त है। इसी के चलते पीड़ित व्यापारियों ने पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी को एक ज्ञापन सौंपकर हमलावरों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
ज्ञापन के माध्यम से व्यापारियों ने बताया कि आमखेड़ा निवासी रूपेश और भेरू नामक युवक व्यापारी राजेश पटेल उर्फ हीरालाल की दुकान से सब्जी चोरी कर रहे थे। जब राजेश ने उन्हें रंगे हाथों पकड़ने और रोकने की कोशिश की, तो आरोपियों ने अभद्रता करते हुए गाली-गलौज शुरू कर दी। विवाद इतना बढ़ा कि कुछ ही देर में आरोपी अपने साथ 10 से 15 अन्य हथियारबंद साथियों को बुला लाए।
इन बदमाशों ने मण्डी परिसर में घुसते ही वहां मौजूद लोगों के साथ मारपीट शुरू कर दी। बीच-बचाव करने आए अड़तियागण और अन्य व्यापारियों पर भी तलवारों से हमला किया गया। हमले में संजय नामक व्यक्ति के सिर में तलवार लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया। वहीं गौरव को हाथ और पीठ पर चोटें आई हैं, जबकि राजेश की पसली और कमर में गंभीर चोट लगी है। मारपीट के दौरान जब संजय और राजेश की बहन ज्योति परमार बीच-बचाव करने आईं, तो बदमाशों ने उन पर भी लट्ठ और लोहे की रॉड से हमला कर उन्हें चोटिल कर दिया।
व्यापारियों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि भक्ताम्बर, आमखेड़ा और ज्ञानपुरा क्षेत्र के ये गुंडे मण्डी में हफ्ता वसूली का अवैध कारोबार चला रहे हैं। विरोध करने पर ये बदमाश व्यापारियों को झूठे केस में फंसाने की धमकी देते हैं। बदमाशों ने खुलेआम चुनौती दी है कि अगर मण्डी में व्यापार करना है, तो उन्हें नियमित हफ्ता देना ही होगा।
इस घटना के बाद से पूरी मण्डी में भय का माहौल बना हुआ है। कोतवाली पुलिस ने इस मामले में प्रकरण दर्ज कर लिया है, लेकिन व्यापारियों और किसानों में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर गहरा रोष है। मण्डी संघ और किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि दोषी बदमाशों और उनके सहयोगियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही मण्डी परिसर और आसपास के क्षेत्र में नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए वहां स्थायी पुलिस चौकी स्थापित की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।
