नियम तो कई बने लेकिन पालन पर जोर नहीं, हर हादसे के पीछे मंदिर समिति के जिम्मेदार ही दोषी, लेकिन बच जाते हैं उज्जैन, (हरिओम राय) अग्निपथ। 15 जुलाई 1996 सोमवती अमावस्या पर श्री महाकालेश्वर मंदिर में हादसा हुआ था। तत्कालीन संभाग आयुक्त गर्भगृह में अभिषेक कर रहे थे। अंदर […]
