वेनेजुएला में 39 सेकंड में दो भीषण भूकंप;164 से अधिक मौतें

भारी तबाही और हजारों घायलों के बीच आपातकाल घोषित

काराकास। दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला में बुधवार शाम 39 सेकेंड में आए दो ताकतवर भूकंप से तबाही मच गई है। स्थानीय समय के मुताबिक बुधवार शाम 6.04 बजे 7.2 और 6.05 बजे 7.5 तीव्रता के दो झटके आए। उस समय भारत में गुरुवार तड़के 3.34 और 3.35 बजे थे।

लोगों ने बताया कि भूकंप के बाद 60 सेकेंड तक शहर हिलता रहा। बाद में भी 20 झटके दर्ज किए गए हैं।

एक के बाद एक आए दो शक्तिशाली भूकंपों ने भयंकर तबाही मचाई है, जिसमें कम से कम 164 लोगों की मौत हो गई है और 971 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। सरकार ने पूरे देश में तत्काल प्रभाव से आपातकाल लागू कर दिया है।

बुधवार की शाम जब देश अपना राष्ट्रीय अवकाश मना रहा था, तभी अचानक धरती कांपने लगी और पल भर में कई बहुमंजिला इमारतें जमींदोज हो गईं। मलबे में दबे सैकड़ों लोगों को बचाने के लिए युद्ध स्तर पर राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया गया है।

राजधानी काराकास के अल्तामिरा और एल पाराइसो इलाके इस आपदा से सबसे बुरी तरह प्रभावित हुए हैं, जहां 22 मंजिला इमारत समेत कई रिहायशी परिसर ताश के पत्तों की तरह ढह गए। अपनों की तलाश में लोग मलबे के पास चीख-पुकार मचा रहे हैं, जबकि बचाव दल मलबे को हटाकर जीवित बचे लोगों को बाहर निकालने की कोशिशों में जुटा है।

कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने टीवी पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए देश के सभी डॉक्टरों, नर्सों और स्वास्थ्य कर्मियों से तुरंत अस्पतालों में रिपोर्ट करने की अपील की है। आपातकालीन स्थिति को देखते हुए देश के मुख्य अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को बंद कर दिया गया है और सभी शिक्षण संस्थानों में कक्षाएं निलंबित कर दी गई हैं।

पड़ोसी देशों तक महसूस हुए झटके

अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के अनुसार, इन दोनों जुड़वां भूकंपों का केंद्र राजधानी काराकास के पश्चिम में स्थित याराकुए राज्य में जमीन के भीतर था। पहला झटका शाम को छह बजकर चार मिनट पर आया जिसकी तीव्रता 7.2 थी, और इसके महज एक मिनट के भीतर ही 7.5 तीव्रता का दूसरा और अधिक विनाशकारी झटका महसूस किया गया।

यद्यपि भूकंप का केंद्र राजधानी से बाहर था, लेकिन इसके झटके इतने तेज थे कि पड़ोसी देश कोलंबिया और करीब सत्रह सौ किलोमीटर दूर ब्राजील के अमेजन क्षेत्रों तक धरती हिल गई। भूकंप के बाद रातभर में लगभग दो दर्जन से अधिक आफ्टरशॉक्स यानी हल्के झटके दर्ज किए जा चुके हैं, जिससे लोगों में दहशत का माहौल है।

कच्ची इमारतों के कारण भारी जानी नुकसान की आशंका

विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि मरने वालों की संख्या में अभी और बड़ी बढ़ोतरी हो सकती है क्योंकि प्रभावित इलाकों में अधिकांश घर बिना मजबूती वाले ईंट-गारे और मिट्टी से बने हैं। अमेरिकी एजेंसी ने अनुमान जताया है कि इस भीषण तीव्रता के कारण हताहतों का आंकड़ा आने वाले दिनों में कई गुना तक बढ़ सकता है।

कैरिबियन और दक्षिण अमेरिकी टेक्टोनिक प्लेटों के मुहाने पर बसे वेनेजुएला का भूकंपों से पुराना और दर्दनाक इतिहास रहा है। इससे पहले साल 1812 और 1967 में भी देश ने ऐसे ही विनाशकारी भूकंपों का सामना किया था, जिनमें हजारों लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी।

वैश्विक नेताओं ने बढ़ाया मदद का हाथ, राहत सामग्री रवाना

इस अभूतपूर्व मानवीय संकट की घड़ी में दुनिया के कई देशों ने वेनेजुएला के प्रति एकजुटता दिखाते हुए हर संभव सहायता देने का ऐलान किया है। अल साल्वाडोर ने तुरंत 300 पैरामेडिक्स और 50 टन आपातकालीन चिकित्सा उपकरण भेजने का फैसला किया है, जो प्रभावित इलाकों में राहत पहुंचाएंगे।

इसके साथ ही अमेरिका, इक्वाडोर, पनामा, मैक्सिको और ब्राजील जैसे देशों ने भी अपनी राजनीतिक असहमतियों को दरकिनार करते हुए मानवीय आधार पर मदद भेजने की तैयारी शुरू कर दी है। विभिन्न अंतरराष्ट्रीय राहत एजेंसियां भी वेनेजुएला सरकार के साथ मिलकर प्रभावित नागरिकों के लिए भोजन और अस्थाई आश्रय की व्यवस्था करने में जुट गई हैं।

भारत ने भी जताया दुःख और सहायता का आश्वासन

भारत के उपराष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वेनेजुएला में आए भीषण भूकंप से हुई तबाही पर गहरा दुख व्यक्त किया है। सोशल मीडिया पोस्ट में उपराष्‍ट्रपति ने कहा कि उनकी संवेदनाएं उन लोगों के साथ हैं जिन्होंने अपनों को खोया है। उन्होंने भारत के लोगों की ओर से वेनेजुएला के लोगों के प्रति संवेदना व्यक्‍त की।

सोशल मीडिया पोस्ट में भारत के प्रधानमंत्री ने वेनेजुएला सरकार और वहां के लोगों, विशेषकर अपनों को खोने वाले परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि भारत सभी प्रभावित लोगों के साथ एकजुटता से खड़ा है। उन्‍होंने हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।