अड़ गए पहलवान, जिला अस्पताल में ही रहेगा हड्डी वार्ड

जनप्रतिनिधियों की बैठक में माधवनगर अस्पताल को चेरिटेबल की तर्ज पर चलाने का फैसला

उज्जैन, अग्निपथ। जिला अस्पताल का आर्थोपेडिक विभाग(हड्डी वार्ड) यहां से कहीं शिफ्ट नहीं होगा। हड्डी वार्ड को माधवनगर अस्पताल में शिफ्ट करने के लिए सिविल सर्जन आदेश भी जारी कर चुके थे लेकिन उज्जैन उत्तर के विधायक पारस जैन इस मामले में अड़ गए है।

बुधवार को बृहस्पति भवन में हुई जनप्रतिनिधियों की बैठक में भी विधायक जैन ने दो टूक शब्दों में कह दिया- हड्डी वार्ड कहीं नहीं जाएगा। विधायक जैन की दो टूक के बाद फैसला हुआ कि माधव नगर अस्पताल में हड्डी वार्ड शिफ्ट करने के बजाए उसे अब चेरिटेबल ट्रस्ट अस्पताल की तर्ज पर चलाया जाएगा। लोगों से संग्रहित राशि और शासन की मदद से यहां सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी।

कोरोना काल से पहले कुछ वक्त तक हड्डी रोग वाले मरीजों का इलाज और ऑपरेशन माधवनगर अस्पताल में ही किया जा रहा था। माधव नगर अस्पताल को कोरोना के लिए रिजर्व करने के दौरान हड्डी वार्ड को वापस जिला अस्पताल शिफ्ट तो कर दिया गया लेकिन यहां विसंगति और अव्यवस्था बनी रही। हड्डी वार्ड जिला अस्पताल के प्रथम तल पर है और हड्डी रोग वाले मरीजों को वार्ड में शिफ्ट करने के लिए यहां लिफ्ट तक नहीं है।

नीचे एक्सरे, उपर वार्ड के चक्कर में मरीज तकलीफ के बावजूद चढ़ाव उतरते-चढ़ते रहते है। अब कोरोना का प्रकोप समाप्त हो गया है लिहाजा सिविल सर्जन डा. पी.एन. वर्मा ने हड्डी वार्ड को दोबारा माधवनगर अस्पताल में शिफ्ट करने के लिए आदेश जारी कर दिए थे। विधायक पारस जैन को इसकी खबर लगी तो वे खासे नाराज हो गए। विधायक की नाराजगी के बाद ही बुधवार शाम को बृहस्पति भवन में जनप्रतिनिधियों की बैठक बुलाई गई। सांसद अनिल फिरोजिया, उच्चशिक्षा मंत्री डा. मोहन यादव और विधायक पारस जैन तीनों ही अधिकारी प्रशासनिक और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ बैठे।

जिला अस्पताल के मामले में तो यह तय हो ही गया कि यहां से हड्डी वार्ड किसी भी सूरत में शिफ्ट नहीं होगा। रही लिफ्ट की बात तो उसे विकास प्राधिकरण के माध्यम से लगाने की कवायद भी तीव्रता से पूरी की जाएगी।

माधवनगर में बढ़ाएंगे सुविधाएं

  • माधवनगर अस्पताल को चेरिटेबल अस्पताल की तर्ज पर चलाया जाएगा, यहां रियायती दरों पर सभी तरह की चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
  • माधवनगर अस्पताल को सर्वसुविधायुक्त बनाने के लिए महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति की भी मदद ली जाएगी।
  •  अधिकारियों से माधवनगर, जिला अस्पताल और पिपलीनाका अस्पताल को अपग्रेड करने के लिए जरूरी संसाधनों की लिस्ट तैयार करने को कहा गया है। जिला अस्पताल को मॉडल अस्पताल बनाने के प्रयास होंगे।
  • स्वास्थ्य विभाग की तरफ से संसाधनों की रिक्वायरमेंट आने के बाद इन्हें शासन या जनसहयोग से उपलब्ध कराया जाएगा।

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