आयुक्त ने निकलवाई झोन अधिकारियों की कुंडली

नगर निगम

कलेक्टर के पत्र के बाद सिंहस्थ क्षेत्र में अवैध निर्माण कराने वालों पर कार्रवाई तय

उज्जैन, अग्निपथ। सिंहस्थ क्षेत्र में 2016 के बाद प्लॉट बेचने वालों, मकान बनाने वालों के साथ ही अब इन्हें प्रश्रय देने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की तैयारी है। कलेक्टर आशीष सिंह द्वारा नगर निगम आयुक्त को भेजे गए एक पत्र के बाद अब नगर निगम के सभी झोन कार्यालयों में पदस्थ ऐसे अधिकारियों की सूची तैयार की जा रही है जो 2016 के बाद झोन में पदस्थ रहे और झोन के क्षेत्र में अवैध निर्माण रोकना जिनकी जिम्मेदारी थी।

सिंहस्थ क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त करने की मुहिम की शुरुआत से ही जनप्रतिनिधि और आम लोग नगर निगम के अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की भी बात कर रहे हंै। सिंहस्थ आरक्षित जमीन पर 200-200 मकानों की कॉलोनी बस जाए और नगर निगम को इसकी भनक तक नहीं लगे ऐसा संभव भी नहीं है।

कलेक्टर आशीष सिंह के मुताबिक सिंहस्थ क्षेत्र में अब तक लगभग 250 ऐसे पक्के निर्माण चिन्हित किए गए हैं जिन्हें प्रशासन ने अवैध की श्रेणी में रखा है। प्रयास किया जा रहा है कि सिंहस्थ क्षेत्र में प्लॉट खरीदकर मकान बनाने वालों को उनका रूपया कॉलोनाइजर्स से वापस दिलाया जाए अथवा कॉलोनाइजर्स के माध्यम से ही उन्हें किसी अन्य वैध स्थान पर प्लॉट दिलाया जा सके।

इसके लिए एडीएम संतोष टैगोर की अगुवाई वाला प्रशासनिक अधिकारियों का एक दल लगातार कॉलोनाइजर्स से बात कर करर उन्हें समझाइश दे रहा है। कलेक्टर आशीष सिंह ने बताया कि नगर निगम के अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के लिए आयुक्त अंशुल गुप्ता को विधिवत पत्र भेजा गया है।

आयुक्त ने जुटाई जानकारी

नगर निगम आयुक्त अंशुल गुप्ता मंगलवार से अवकाश पर है। अवकाश पर जाने से पहले उन्होंने नगर निगम के झोन में 2016 के बाद से पदस्थ रहे प्रभारी, भवन अधिकारी, उपयंत्री की जानकारी स्थापना शाखा से निकलवाई है। सिंहस्थ क्षेत्र के अधिकांश अवैध निर्माण झोन क्रमांक 1, 2 और 3 में मिले हंै। इन झोन में पदस्थ रहकर अवैध निर्माण रोकने की जिम्मेदारी का निर्वहन करने वालों पर आयुक्त के वापस लौटते ही कार्रवाई होने की संभावना है।

5 लोगों को लौटाए 12 लाख रुपए

सिंहस्थ क्षेत्र में 2016 के बाद बनी हुई कॉलोनियों के मकानों को हटाने की मुहिम में प्रशासन को बड़ी सफलता मिली है। जिन कॉलोनाइजर्स ने सिंहस्थ क्षेत्र में प्लॉट काटकर बेचे उनमें से कुछ प्लॉट खरीदने वाले लोगों को रुपए वापस लौटाने के लिए राजी हो गए हैं। कोठी पैलेस पर 5 हितग्राहियों के साथ मंगलनाथ क्षेत्र में मंगल कॉलोनी काटने वाले गोवर्धन पटेल और राजाराम पटेल के प्रतिनिधियों द्वारा पांच व्यक्तियों को नोटरी करके कलेक्टर आशीष सिंह की मौजूदगी में 12 लाख रुपए वापस लौटाए हैं।

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